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डेगाना का सारण परिवार, पिता सहित पूरा परिवार, योद्धा बनकर कर रहा संकट में सेवा।

डेगाना का सारण परिवार, पिता सहित पूरा परिवार, योद्धा बनकर कर रहा संकट में सेवा। @भावेश सैन नागौर/डेगाना। कोरोना संकट में जब...

डेगाना का सारण परिवार, पिता सहित पूरा परिवार, योद्धा बनकर कर रहा संकट में सेवा।

@भावेश सैन
नागौर/डेगाना। कोरोना संकट में जब लोग घरों में कैद है, तो पूरे देश में लॉक डाउन के चलते विकट परिस्थितियों से लोग जूझ रहे है। इसी बीच डेगाना शहर के पास स्थित गांव भैंया खुर्द की सारणा की ढाणी के निवासी परिवार के मुखिया मंगाराम सारण जो सीआरपीएफ पुलिस से रिटायर्ड अधिकारी है। उन्होंने लगातार देश के लिए कई क्षेत्रों रहकर देश की सेवा एक सैनिक के तौर पर की, तो अब भी कोरोना की जंग में खुद सहित पूरे परिवार के साथ रात-दिन बस ओर बस मरीजों की सेवा को ही मुख्य ध्येय मानकर जूटे हुए है। पूरे परिवार के मुखिया मंगाराम सारण उनके अजमेर कोरोना हॉट-स्पॉट क्षेत्र में स्थित सारण हॉस्पिटल में बतौर प्रबंधक के रूप में काम संभालते हुए रात-दिन बस मरीजों की सेवा में जूटे हुए है। गांव-ढाणियों से जाने वाले ग्रामीण मरीजों सहित आने वाले सभी मरीजों की हर संभव मदद करते हुए उनका इलाज व सेवा में परिवार से दूर जूटे हुए है। तो परिवार में देश सेवा के लिए हमेशा परिवार में लग्न व जज्बा पैदा कर दो बेटो को डॉक्टर, एक बेटा व्याख्याता व पोता डॉक्टर सहित पूरे परिवार के साथ लेकर कोरोना संकट में मरीजों के लिए पूरे परिवार को ही समर्पित करते हुए घर से दूर व अलग-अलग क्षेत्रों में संकट के समय में सेवा को ही मुख्य ध्येय बनाकर आगें बढ़ रहे है। एेसे पूरे परिवार को ही कोरोना कर्मवीर के रूप में योद्धा बनकर सेवा में जूटने पर लोग सराहना करते हुए भी नहीं थक रहे है।

पूरा परिवार जूटा है, मरीजों की सेवा में
गांव भैया खुर्द की सारणों की ढाणी के निवासी मंगाराम सारण जिन्होंने 1968 से 1999 तक सीआरपीएफ  पुलिस में विभिन्न पदों पर देश के हर राज्य में काम किया। 15 साल काश्मीर में देश के लिए उग्रवादियों से लोहा लिया व पंजाब में जब आतंक चरम पर था तब स्वर्ण मंदिर से उग्रवादियों के खात्मे के लिए मुख्य मोर्चे पर तैनात थे। पंजाब से उग्रवादियों को खत्म करने में लड़ाई लड़ी। वहीं अब रिटायर्ड होने के बाद पूरे परिवार को सेवा के क्षेत्र में आगें बढ़ाकर एक ही मूलमंत्र दिया, कि हमेश देश सेवा व गरीब, असहाय व जरूरतमंद तबके की सेवा करने की सीख दी।

स्वयं इन दिनों अजमेर सारण हॉस्पिटल का प्रबंधन संभाल रहे हैं। लगातार मरीजों की सेवा रात-दिन कर रहे है। इनके बड़े पुत्र सुखाराम सारण सरकारी सेवा में व्याख्याता के पद पर डेगाना में कार्यरत हैं। इसके बाद दूसरा बेटा डॉ. रामनिवास सारण अजमेर सारण हॉस्पिटल में बतौर निदेशक के रूप में काम करते हुए कोरोना संकट में मरीजों की पीड़ा देखते हुए इमरजेंसी ऑपरेशन कर रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में लगतार चिकित्सीय सेवा करते हुए आम जनता के लिए व देश सेवा कर रहे हैं। तीसरा बेटा डॉ. रामकिशोर सारण वर्तमान में बीसीएमओ डेगाना के पद पर लगातार दिन-रात सेवा में जूटे हुए है। पोता डॉ. सुनील सारण पुत्र सुखाराम सारण अभी इन दिनों घर से बहुत दूर दिल्ली एम्स हॉस्पिटल में एक कर्मवीर के रूप में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस प्रकार पूरा परिवार ही सेवा में जूटा हुआ है।

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