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सोहड़ा के कर्मवीर दंपति कोरोना यौद्धा बनकर दे रहे हैं सेवा।

सोहड़ा के कर्मवीर दंपति कोरोना यौद्धा बनकर दे रहे हैं सेवा। बाड़मेर। जिले के गिड़ा क्षेत्र के सोहड़ा निवासी कर्मवीर पति-पत्नी कोरोना से...

सोहड़ा के कर्मवीर दंपति कोरोना यौद्धा बनकर दे रहे हैं सेवा।

बाड़मेर। जिले के गिड़ा क्षेत्र के सोहड़ा निवासी कर्मवीर पति-पत्नी कोरोना से आमजन की सुरक्षा के लिए अपनी सेवा दे रहे हैं। वैश्विक महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में 22 मार्च से लॉक डाउन हैं। ऐसे में इस खतरे से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए कोरोना वॉरियर्स बनकर हमारे देश के सरकारी कार्मिकों के साथ आमजन भी अपना फर्ज निभाने में गर्व महसूस करता हैं। प्रिय पाठकों रोज हमारी कोशिश रहती हैं कि आपको कोरोना से जंग में अपना साथ निभाने वाले वॉरियर्स से रूबरू करवा सके। इसी कड़ी में आज आपको रूबरू करवाते हैं मरुस्थल के मखमली धोरों में निवास करने वाले एक दंपति से, तो आइए जानते हैं इनके बारे में, सोहड़ा ग्राम पंचायत के कोरोना कर्मवीर हिराराम माकड़ राजस्थान पुलिस में बतौर कांस्टेबल अपनी सेवाएं देने के लिए बाड़मेर जिला मुख्यालय पर ग्रामीण थाने में तैनात हैं। माकड़ की ड्यूटी ग्रामीण थाने में होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाकाबंदी और चेक पोस्ट पर दिन रात तैनात रहना पड़ता हैं। हिराराम बताते हैं कि जब से लॉक डाउन हुआ हैं तब से परिवार से मिलना नहीं हुआ हैं, और परिवार से विडियो कॉल के जरिए ही बातचीत हो पाती हैं। वही हिराराम माकड़ की पत्नी जितेंद्र कंवर स्टाफ नर्स ग्रेड सेकण्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कानोड़ में तैनात हैं, और लॉक डाउन के दौरान दूर-दराज के ढाणियों और ग्रामीण इलाके के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दें रही हैं। जितेन्द्र बताती हैं कि इस संकटकाल में मानवतावादी विचार रखकर ईमादारी से अपना कर्तव्य पालन करने में ही सुकून हैं। वे बताती हैं कि इस समय लॉक डाउन हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए चलने वाले साधन बंध हैं ऐसे में यहाँ विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली प्रसूताओं की सुरक्षित सेवा करना स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करना अपना धर्म समझती हैं।

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