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जनहित के कार्यों के निराकरण में कोताही बर्दास्त नही, अधिकारी गंभीरता से कार्य करें: चौधरी

जनहित के कार्यों के निराकरण में कोताही बर्दास्त नही, अधिकारी गंभीरता से कार्य करें: चौधरी  बाड़मेर/गिड़ा। कोरोना वैश्विक महामारी ...

जनहित के कार्यों के निराकरण में कोताही बर्दास्त नही, अधिकारी गंभीरता से कार्य करें: चौधरी 

बाड़मेर/गिड़ा। कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने के लिए राजस्व, सिंचाई उपयोगिता मंत्री हरीश चौधरी ने शनिवार को गिड़ा पंचायत समिति सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकारी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कोरोना पॉजिटिव के मामले लगातार सामने आने के बाद जिले के हालात काफी चिंताजनक हो चुके हैं। ऐसे में सभी अधिकारी इस संकट की घड़ी में पूरी गंभीरता दिखाते हुए कार्य करें। सभी जरुरतमंदों को पूरी मदद की जाए। चौधरी ने नवनिर्वाचित सरपंचों की बैठक लेकर प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर फीडबैक लिया और कोरोना के संबंध में जानकारियां जुटाई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों ने पेयजल, बिजली सहित अन्य कई समस्याओं को उठाया।राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने अधिकारियों के साथ सोशल डिस्टेसिंग की पालना करते हुए क्षेत्र का फीडबैक लिया। चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि जरूरतमन्द लोगों को मदद के लिए सभी को वरीयता के अनुसार मदद मिलनी चाहिए। 
मंत्री हरीश चौधरी ने पेयजल व चिकित्सा व खाद्य सामग्री के आवश्यक वितरण के निर्देश देते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ड्यूटी के प्रति किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नही की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने चौधरी का आभार जताते हुए कहा कि उण्डू-नवातला योजना शुरू करने से आमजन को राहत मिली है। वहीं चौधरी ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल की स्कीम बनाकर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकर सर्वे किया जाएगा। जिससे कोई घर पेयजल सुविधा से वंचित न रहें।
पंचायत समिति के सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में व्याप्त घोर पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस समय गर्मियों के मौसम में जहां पीने के पानी के लिए त्राहि त्राहि मची हुई है, वहीं जलदाय विभाग जलापूर्ति में फेल साबित हो रहा है। इस पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रो में पेयजल की आपूर्ति किसी भी सूरत में संचालित की जाए। जिस पर अधिकारियों ने कहा कि पीछे से पानी की आपूर्ति धीमी होने तथा कई जगह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाने से व्यवस्था लड़खड़ा रही हैं जिनको अतिशीघ्र ठीक किया जाएगा। 

विधुत कटौती से निजात दिलाने के लिए होंगे स्थायी समाधान:
जनप्रतिनिधियों द्वारा बार बार हो रही विधुत कटौती व फाल्ट को लेकर बैठक में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि जब एक जगह फाल्ट होने पर पूरे क्षेत्र के लोगो को खामियाजा भुगतना पड़ता है, इसके स्थायी समाधान के लिए अधिकतम स्थायी विधुत सब स्टेशन बनाने के प्रयास किए जाएंगे ताकि कम से कम विधुत कटौती का सामना करना पड़ेगा।

चिकित्सा व्यवस्था होंगे बेहतर प्रयास:
जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए सवालों के जवाब देते हुए चौधरी ने क्षेत्र में चिकित्सकिय व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए हर पीएससी पर चिकित्सक लगाए जाने तथा अलग अलग पड़े रिक्त पदों को भरने को लेकर आश्वस्त किया। 

नरेगा की ग्रेवल सड़को को कटान मार्ग में तब्दील करने की मांग: 
खोखसर पश्चिम सरपंच चुनाराम जाखड़ ने सदन में राजस्व मंत्री के सामने मुद्दा उठाते हुए कहा कि गांव में मनरेगा के तहत पूर्व में बनी ग्रेवल सड़को के रास्ते को कटान मार्ग में तब्दील किया जाए ताकि इन सड़कों की मरम्मत व आवागमन बाधित न हो। इस पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने उपखण्ड अधिकारी विवेक व्यास को निर्देश देते हुए कहा कि नरेगा के तहत कटान मार्ग के लिए आने वाले सभी आवेदनों का निस्तारण कर समस्याओं को समाधान तत्काल प्रभाव से किया जाए। 
साथ ही सदन में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने की पहली प्राथमिकता रहेगी। ऋण वितरण प्रक्रिया में आ रही बाधा को लेकर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने ऑनलाइन प्रक्रिया को बदलकर योग्य किसानों को जोड़ा जाने व वंसित किसानों को सोसायटी दिलवाने के साथ ही अन्य विकल्प के तौर पर ऋण वितरण करने की बात कही। 

जनभागीदारी से टिड्डी नियंत्रण सम्भव: क्षेत्र में बार बार हो रहे टिड्डी के हमले को लेकर मंत्री हरीश चौधरी ने सदन में कहा कि 600 टेक्टर किराए पर लेने की स्वीकृति जारी कर दी है साथ ही दवाइयों का भी बंदोबस्त कर दिया जाएगा वहीं टिड्डी के नियंत्रण के लिए जन सहभागिता आवश्यक रहेगा। 
चौधरी ने कहा कि इस वर्ष टिड्डी अधिक मात्रा में आएगी। यूनाइटेड नेशन ने चार महीने पहले ही कह दिया था कि भारी मात्रा में टिड्डी आएगी उसे अपन लोगो ने नजर अंदाज कर दिया था, जिसका नुकसान किसानों ने भुगता वहीं अब किसानों को मजबूती के साथ समय रहते तैयारियां शुरू की जानी चाहिए। किसान समय पर बॉर्डर पर ही टिड्डी को नष्ट करनी होगी जिससे आगे आने वाली टिड्डी के खतरे को कम किया जा सकेगा।

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