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जेठंतरी के कर्मवीर पिता के साथ बहु बेटा भी डटे हैं कोरोना की इस जंग में।

जेठंतरी के कर्मवीर पिता के साथ बहु बेटा भी डटे हैं कोरोना की इस जंग में। बाड़मेर/समदड़ी। इस समय विश्व भर में पैर पसार चुकी कोरोन...

जेठंतरी के कर्मवीर पिता के साथ बहु बेटा भी डटे हैं कोरोना की इस जंग में।

बाड़मेर/समदड़ी। इस समय विश्व भर में पैर पसार चुकी कोरोना नामक महामारी के वायरस को फैलने से रोकने एंव संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए विश्वभर में अनेकों प्रकार के कर्मवीरों की टीम दिन-रात लगी हुई हैं। ठीक ऐसी ही स्थिति हमारे देश भारत मे भी हैं और इन दिनों हर एक गांव, ढाणी, क़स्बे, शहर, महानगर में शासन-प्रशासन के द्वारा कोरोना को हराने की इस जंग में साथ देने के लिए अनेकों प्रकार के कर्मवीर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज हर एक के जुबान पर एक ही बात आ रही हैं कि जल्द ही इस अदृश्य खतरनाक बीमारी से छुटकारा मिल जाए और हालात सामान्य हो जाये। इसके लिए हर कोई अपने आप को कोरोना वॉरियर्स बनकर इस महामारी से लड़ने में अपना फर्ज निभा रहा है। ऐसे ही कोरोना वॉरियर्स से आज आपको मिलवाते हैं पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर जिले के समदड़ी क्षेत्र के एक जेठन्तरी गांव में रहने वाले एक सैन परिवार से जो आज इस संकट में अपने परिवार के तीन सदस्य कोरोना वॉरियर्स बनकर अपना कर्तव्य निभा रहे है। 
इस परिवार की धुरी कहलाने वाले धनराज सैन ब्रांच पोस्टमास्टर जेठन्तरी में कार्यरत हैं और लोगों को अपने परिवारों के समाचारों के अलावा पेंशन ओर पोस्ट ऑफिस के मार्फत वितरित होने वाले कार्यो को अंजाम दे रहे है। जिसमें पोस्ट पेमेन्ट बैंक के माध्यम से घर-घर जाकर पैसे देने, मनीऑर्डर, डाक पत्र, डाक विभाग की सेवा आपके द्वार तक जेठन्तरी, जेठन्तरी हाल्ट, लादुनगर, लालाणा, मांगला तथा पांच राजस्व गांवो तक तपती तेज दुपहरी की भीषण गर्मी में भी डाक विभाग की सेवाएं पहुंचा रहे है। धनराज द्वारा अपने विभाग से संक्रमण के दौर में भी आवश्यक डाक सेवाएं व जरूरतमंद वस्तुओं को डोर टू डोर पहुंचाने का संकल्प लिए हुए आमजन की सेवा कर रहे है।
परिवारी की धुरी के साथ परिवार को चलाने वाले एक पहिए के तौर पर गृहकार्य करके अपने घर की बागडोर संभालने वाली धनराज की पूत्रवधू लीला देवी आंगनवाड़ी में आशा सहयोगिनी के तौर पर जुड़ी हुई हैं और इस संकट के समय में वो भी अपनी सेवाएं दे रहीं है। इस कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में आशा सहयोगी लीला देवी चिकित्सा विभाग की एएनएम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डोर टू डोर प्रवासियों की स्क्रीनिंग, क्वारेंटाइन सुनिश्चित करवाना, टीकाकरण, स्वास्थ्य सर्वें सहित विभाग की प्रत्येक जानकारी घर-घर पहुंचाकर अनुकरणीय सेवाएं प्रदान कर रहीं है। 
ऐसे ही परिवार का दूसरा पहिया कहलाने वाला धनराज का पुत्र राजेंद्र कुमार समदड़ी क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पत्रकारिता के तौर पर अपनी भूमिका निभाते हुए कोरोना की महामारी में जन सेवा में लल
गा हुआ है। वही गांव में ई-मित्र का संचालन ग्राम पंचायत में कर रहे है। ग्राम पंचायत में ग्रामीणों के राशन कार्ड, आधार, जन-आधार, पेंशन, श्रमिकों की योजनाओं का पंजीकरण सहित आदि कार्य कर आमजन को राहत पहुंचा रहे है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रत्येक ग्रामीणों को मास्क लगाने, सेनेटाइजर का उपयोग करने व दो गज की दूरी बनाकर रखने के साथ आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाने में मदद कर रहे है। कोरोना वॉरियर्स के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे है धनराज के परिवार का कोरोना की जंग में एक हीं संदेश है कोरोना हारेगा हम जीतेंगे, हर समय कोरोना के खिलाफ हम जन सेवा के लिए मैदान में डटे रहेंगे।

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