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प्रवासियों की स्क्रीनिंग एवं पंजीकरण अनिवार्यः मीणा

प्रवासियों की स्क्रीनिंग एवं पंजीकरण अनिवार्यः मीणा - प्रवासियों को खाद्यान्न सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में दिशा-निर्देश जा...

प्रवासियों की स्क्रीनिंग एवं पंजीकरण अनिवार्यः मीणा

- प्रवासियों को खाद्यान्न सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी
बाड़मेर। जिले में बाहर से आने वाले प्रवासियों की स्क्रीनिंग, पंजीकरण एवं 14 दिन का होम क्वारेंटाइन अनिवार्य है। इसमें किसी तरह की कौताही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए है।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से प्रवासियों से कोविड-19 खतरे के मददेनजर उनके स्वास्थ्य एवं उनके परिवार तथा जिले के समस्त नागरिकों की जीवन सुरक्षा के लिहाज से समुचित इंतजाम किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार बाड़मेर जिले में प्रवेश कर चुके एवं आगामी समय में प्रवेश करने वाले प्रवासियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत ऐसे समस्त प्रवासियों के लिए, जिन्होंने जिले में प्रवेश किया है या आगामी दिनों में आने वाले हैं, उनके लिए पूर्व की भांति स्क्रीनिंग एवं पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि इस बारे में उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों, विकास अधिकारियों एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देषित किया गया है कि प्रवासियों की स्क्रीनिंग एवं पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रवासियों को अनिवार्य रूप से 14 दिनों के लिए होम क्वारेंटाइन किया जाएगा और जिनको ऐसा करना संभव नहीं है। उनको जिला प्रशासन की ओर से स्थापित संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिनों के लिए क्वारेंटाइन किया जाएगी। इनकी समय-समय पर चिकित्सा दल की ओर से जांच की जाएगी। होम क्वारेंटाईन की अवधि पूर्ण होने के बाद भी उस व्यक्ति की 14 दिन अर्थात् 28 दिन तक मोनेटरिंग की जाएगी। जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि इन आदेशों की अवहेलना होने पर संबंधित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269 एवं 270 के तहत नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

प्रवासियों का सर्वे कराने के लिए दिशा-निर्देश जारीः जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बाड़मेर जिले में प्रवासियों को खाद्यान्न सहायता तथा अन्य विशेष श्रेणी के परिवारों का सर्वे करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार लॉक डाउन के दौरान जिन परिवारों का रोजगार प्रभावित हुआ है और वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित नहीं है, दूसरे प्रवासी वे हैं और बाहर से जिले में रोजगार की तलाश में आए थे, लॉक डाउन के कारण रोजगार विहीन हो गये। ऐसी दो श्रेणी के परिवारों का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे के लिए नगरीय परिषद के कार्मिकों एवं बीएलओ तथा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत कोर समिति के साथ बीएलओ को लगाया गया है। इसके लिए संबंधित उपखंड अधिकारियों को, नगर परिषद आयुक्त तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है।

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