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आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने जारी किया परिपत्र।

आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने जारी किया परिपत्र। बाड़मेर। आगामी बरसात की मौसम में जल भराव और बाढ़ की आषंका क...

आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने जारी किया परिपत्र।

बाड़मेर। आगामी बरसात की मौसम में जल भराव और बाढ़ की आषंका को देखते हुए जन-धन के सुरक्षात्मक उपाय के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की गाइडलाइन के तहत उचित प्रबन्धन करने के निर्देश दिए है। इसको लेकर आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने परिपत्र जारी कर समुचित इंतजाम सुनिष्चित करने के निर्देश दिए है। 
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि समस्त विभागों को आगामी 15 जून तक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ अन्य तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए है। विभाग बचाव एवं मानसून पूर्व तैयारियों के संबंध में विभागीय कंटिजेंन्सी प्लान तैयार करके भिजवाने के लिए कहा गया है। उनके मुताबिक शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने मौसम विभाग को मानसून की गतिविधियों की नियमित दैनिक जानकारी जिला कलक्टर्स, आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग को उपलब्ध कराने तथा डीआरएसएस स्टेशन पूर्णतः कार्यशील रखने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि सिंचाई विभाग बाढ़ या जल भराव की स्थिति में जिले के संवेदनशील एवं संकटग्रस्त क्षेत्रों का सामना करने के लिए कार्य योजना बनाएगा। परिपत्र के मुताबिक जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग निचले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पम्प सेटों, पेयजल तथा पेयजल स्त्रोतों के क्लोरीफिकेशन की समुचित व्यवस्था करेगा। ताकि दूषित पेयजल जनित बीमारियां फैलने की सम्भावना नहीं रहें। उन्होंने बताया कि उचित मूल्य दुकानों पर गेहूं, केरोसीन, अन्य खाद्य सामग्री के भण्डारण एवं उसके वितरण व्यवस्था के साथ नगर परिषद को शहर की सड़कों की मरम्मत एवं नालों की सफाई की व्यवस्था 15 जून से पूर्व करने के निर्देश दिए गए हैं।

मोबाइल चिकित्सा दल एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिष्चित करेंः चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को जीवन रक्षक दवाइयां, बाढ़ के समय आवश्यकतानुसार मोबाइल चिकित्सा दल के गठन करने के लिए कहा गया है। बाढ़ के दौरान तथा उसके उपरान्त फैलने वाली बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए गए है। पशुपालन विभाग को बाढ़ के समय पशुओं में फैलने वाली बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त दवाइयों, प्रभावित क्षेत्रों में चारे, पशु आहार की व्यवस्था तथा मृत पशुओं के सुरक्षित निस्तारण करने का स्थान भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।

जिला नियंत्रण कक्ष निरंतर सेवारत रहेः जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का टोल फ्री नम्बर 1077 को निरंतर दुरूस्त रखने तथा आपदा की स्थिति में संचार व्यवस्था अबाधित रखने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। डाक एवं तार विभाग को जल भराव एवं बाढ़ के दौरान पोस्टल व्यवस्था के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा है।

तैराकों एवं नावों की व्यवस्थाः शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने पुलिस विभाग को पर्याप्त मात्रा में तैराक एवं नावों की व्यवस्था तथा गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पर्याप्त जीवन रक्षक यंत्रों जैसे जैकेट, रस्सी, टार्च, संचार तंत्र, कानून व्यवस्था इत्यादि की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा है। उनके मुताबिक आपदा के समय त्वरित रेस्पोन्स के लिए राज्य आपदा मोचन बल अपनी प्रशिक्षित टीम, आवश्यक साज-सामान व उपकरण तथा घटना स्थल पर त्वरित रूप से पहुंचने के लिए संसाधन के संबंध में सभी पूर्व आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। विषम परिस्थितियों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की सेवाएं भी प्राप्त की जा सकती है।

विद्युतापूर्ति सुचारू रखें डिस्कामः डिस्काम बाढ़ की स्थिति होने पर विद्युतापूर्ति को सुचारू रखने के लिए आवश्यक उपकरण पोल कंडक्टर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। यदि कहीं पर ट्रांसफार्मर जमीन पर पड़ा हो तो उन्हें डीपी पर रखवाएं तथा ढीले तारों को कसने एवं कनेक्शनों को टाइट करने की कार्यवाही करें। सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़क मार्ग से गुजरने वाले नदी-नाले, रपट, कलवर्ट आदि को चिन्हित कर दोनों और साइन बोर्ड लगाकर यातायात प्रतिबन्धित कराएं। संभावित खतरों वाले रपट और पुलियाओं पर लोहे की जंजीर की व्यवस्था की जाए।

जिला कलक्टर करेंगे रिव्यूः शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने जिला कलक्टर्स को आपदा प्रबन्धन एक्शन प्लान एक बार रिव्यू करने के साथ जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठकें करने के  निर्देश  दिए है। सभी जिलों की 15 जून तक आपदा प्रबन्धन योजनाएं अपडेट करने और इससे पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।

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