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राजगढ थानाधिकारी विष्णुदत्त आत्महत्या प्रकरण के दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग।

राजगढ थानाधिकारी विष्णुदत्त आत्महत्या प्रकरण के दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग। @मुकेश पाल सिंह सिरोही/पिण्डवाड़ा। राजस्था...

राजगढ थानाधिकारी विष्णुदत्त आत्महत्या प्रकरण के दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग।

@मुकेश पाल सिंह
सिरोही/पिण्डवाड़ा। राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश सहमंत्री राव गोपालसिंह पोसालिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चुरु जिले के राजगढ थानाधिकारी विष्णुदत्त के आत्महत्या प्रकरण की शीघ्र उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों पर कार्यवाही करने की पुरजोर मांग की। विष्णुदत्त श्रेष्ठ, ईमानदार, साहसी, नीडर व कानून के सच्चे रखवाले थे। उनके आत्महत्या से अधिकारी कर्मचारी खौफ व भय ग्रस्त हैं। राजनीति के अपराधीकरण से ईमानदार अधिकारी कर्मचारियों में भय का वातावरण बनता जा रहा हैं।जन प्रतिनिधि, विधायक सरकार के अधिकारों का दुरुपयोग करके अधिकारी व कर्मचारियों से अभ्रद व्यवहार करते हैं। कुछ अहंकारी जन प्रतिनिधि एपीओ, स्थानान्तरण, निलम्बित करने की धौस देकर अधिकारी कर्मचारियों को अपना व्यक्तिगत गुलाम बनाकर रखना चाहते हैं। स्वाभिमानी, ईमानदार अधिकारी कर्मचारी कानून अनुसार चलते हैं तो उनको येनकेन प्रकरण में फसाने के षड्यंत्र रचते हैं। इज्जत वाले ईमानदार अधिकारी कर्मचारी मजबूरन कुछ अप्रत्याशित कर बैठते हैं। खौफ, आतंक के साये में अधिकारी व कर्मचारियों से अच्छी, ईमानदारी से संविधान अनुसार सेवाएँ करवाना मुश्किल हैं। थाने के पुरे स्टाफ में इतना खौफ हैं कि उन्होने सामूहिक रुप से स्थानान्तरण करने हेतु आवेदन किया हैं। महासंघ ने सुसाइट नोट व एडवोकेट गोवर्धनसिंह से हुई चैट सार्वजनिक करने, मामले की उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर जांच करने की पुरजोर मांग की। मृतक का यह बयान बहुत मायने रखता हैं कि मुझे गंदी राजनीति के भंवर में फसाने की कोशिश हो रही हैं। ऐसी साजिश करने वाले जन प्रतिनिधि को बचाना लोकतंत्र की हत्या होगी। ईमानदार, स्वाभिमान रखने वाले स्वैच्छिक सेवानिवृत्त होने को मजबूर हो रहे हैं, इसका ज्वलन्त उदाहरण थानेदार विष्णुदत्त हैं। जन प्रतिनिधि आईएएस, आरएएस तक को नहीं बख्शते तो साधारण अधिकारी कर्मचारी किस हाल में होंगे, अंदाजा लगाया जा सकता हैं। महासंघ ने सम्पूर्ण प्रकरण की त्वरित जांच कर राजस्थान के अधिकारी कर्मचारियों को राजनैतिक षड्यंत्र के खौफ से मुक्त करने की गुहार की।

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