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माण्डवला में जैन आचार्य के 48वें चातुर्मास के लिए हुआ नगर प्रवेश।

माण्डवला में जैन आचार्य के 48वें चातुर्मास के लिए हुआ नगर प्रवेश। @कपिल मालू बाड़मेर/जालोर। खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभसूरिश...

माण्डवला में जैन आचार्य के 48वें चातुर्मास के लिए हुआ नगर प्रवेश।

@कपिल मालू
बाड़मेर/जालोर। खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभसूरिश्वर व वसीमालाणी रत्नशिरोमणि ब्रह्मसर तीर्थाेद्वारक आचार्य मनोज्ञसूरिश्वर सहित 37 साधु-साध्वियों का श्री जिनकांतिसागर सूरि स्मारक ट्रस्ट एवं जहाज मंदिर माण्डवला में चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश के साथ चातुर्मास का आगाज हुआ। जहाज मन्दिर ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष द्वारकादास डोसी व गुरूभक्त केवलचन्द छाजेड़ ने बताया कि श्री जिनकांति सागर सूरि स्मारक ट्रस्ट एवं जहाज मंदिर माण्डवला चातुर्मास समिति-2020 जहाज मंदिर माण्डवला द्वारा खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिनमणिप्रभसूरीश्वर महाराज की ध्वल सेना के 37 साधु-साध्वियों के साथ सामैया करवाकर कर मंगल प्रवेश करवाया गया। गच्छाधिपति के चातुर्मास के साथ-साथ वसी मालाणी रत्नशिरोमणी ब्रह्मसर तीर्थोद्वारक आचार्य मनोज्ञसूरीश्वर, मुनि मयंकप्रभसागर, मुनि मनितप्रभसागर, मुनि मेहुलप्रभसागर, मुनि नयज्ञसागर, मुनि मयुखप्रभसागर, मुनि महितप्रभसागर व साध्वी शशिप्रभा, साध्वी विमलप्रभा, साध्वी कल्पलता सहित 37 साधु-साध्वियों के साथ श्रुत साधना मय चातुर्मास होगा। लाॅकडाउन के चलते सरकार के नियमों का पालन करते हुए नगर प्रवेश माण्डवला नगर के मुख्य मार्गो से होता हुआ जहाज मंदिर प्रांगण में शुभ मुहुर्त में प्रवेश किया। गत वर्ष धूलिया महाराष्ट्र में चातुर्मास कर गुजरात एवं राजस्थान के अनेक गांवों में धर्मप्रचार व पदयात्रा करते हुए पहुंचे आचार्य भगवंत जिनमणिप्रभसूरीश्वर महाराज के 48 वें चातुर्मास के लिए मांडवला में नगर प्रवेश पर श्री जैन संघ मांडवला ग्रामवासियों ने स्वागत किया। प्रवेश के पश्चात शासकीय आदेशों की अनुपालना करते हुए प्रवचन हाॅल में जिनशासन गान एवं गुरूवन्दना तथा आचार्य भगवंत द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत कर धर्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें गच्छाधिपति ने प्रवचन देते हुए कहा कि 2020 का चातुर्मास माताजी महाराज के साथ बैंगलोर में पहले निर्धारित था, कोविड-19 लाॅकडाउन के कारण उक्त स्थान पर समय रहते पंहुच नही पा रहे थे तो गुरूदेव आचार्य जिन कान्तिसागर सूरी की समाधि स्थल माण्डवला में करने का योग बना और इस 2020 के चातुर्मास में तप, साधना, आत्मकल्याण, स्वाध्याय आदि विशेष रूप से होगे। इस धर्मसभा को आचार्य मनोज्ञसूरिश्वर, मुनि मनितप्रभसागर, साध्वी शशिप्रभा, साध्वी विमलप्रभा, साध्वी कल्पलता ने भी चातुर्मास को लेकर सम्बोधित किया, और कहा कि इस वर्ष गच्छाधिपति के साथ पांच माह वर्षावास में चातुर्मास करने का सुनहरा अवसर हमें प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर गुरु भगवन्तों का गुरूपूजन का लाभ मदनलाल सगतमल मालू परिवार कानासर वालो द्वारा लिया गया व काम्बली ओढाने का लाभ बाबूलाल जगदीशचंद भूरचन्द लूणिया परिवार धोरीमना वालो ने लिया। इस अवसर पर ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष द्वारकादास डोसी, मंत्री सूरजमल देवड़ा धोका, रामरतन छाजेड़, धर्मेन्द्र पटवा, दीपचंद कोठारी, रिखबचंद मंडोवरा, पुरुषोतम सेठिया, पारसमल बरड़िया, मांगीलाल संकलेचा, मांगीलाल मालू, राजु गुलेच्छा, पूर्व सभापति लूणकरण बोथरा, नाकोड़ा ट्रस्टी रतनलाल वडेरा, कुशल वाटिका सचिव रतनलाल संखलेचा, निर्माणमंत्री शंकरलाल धारीवाल, कोषाध्यक्ष बाबूलाल टी बोथरा, प्रचारमंत्री केवलचन्द छाजेड़, ट्रस्टी शंकरलाल बोथरा, सम्पतराज धारीवाल, जगदीश भंसाली, सम्पतराज मेहता, कैलाश कोटड़िया, छगनलाल घीया, केयुप अध्यक्ष प्रकाश पारख, उपाध्यक्ष नरेश लूणिया, बाबूलाल छाजेड़, कवास, चम्पालाल घीया, रमेश मालू कानासर, पारसमल हालावाला, रमेश धारीवाल, सम्पतराज अवतारी, सुनिल छाजेड़, आदि गुरुभक्त उपस्थित थे।

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