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यहाँ रात में भी किसानों की लाइन रहती हैं ताकि सुबह फिर से लाइन नहीं लगानी पड़े।

यहाँ रात में भी किसानों की लाइन रहती हैं ताकि सुबह फिर से लाइन नहीं लगानी पड़े। @गणेश जैन जैसलमेर। जिले के फलसूंड कस्बे में सार्...

यहाँ रात में भी किसानों की लाइन रहती हैं ताकि सुबह फिर से लाइन नहीं लगानी पड़े।

@गणेश जैन
जैसलमेर। जिले के फलसूंड कस्बे में सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के आगे लोग बैंक संबंधी कार्य के लिए कतारबद्ध में रात्रि विश्राम करते हैं ताकि जब सुबह बैंक खुले तो समय पर उनका नंबर आ जाए और काम हाे सके। सुनने में भले ही यह बात अटपटी लगे। लेकिन इन दिनों फलसूंड बैंक में स्टाफ की कमी के चलते यह नजारा देखने को मिल रहा हैं।

पिछले दो महिनों से ग्रामीण क्षेत्र के बैंक उपभोक्ता बैंक के आगे रात्रि के समय बड़ी संख्या में जमा हो जाते हैं। रात्रि भर बैंक के आगे ही रात गुजारते हैं। सुबह जब बैंक खुलती हैं तो ग्रामीण लाइन में खड़े हो जाते हैं। भीषण गर्मी में लोगो की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं हैं। इससे फलसूंड सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के बैंक उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। बैंक से लेन-देन करने के लिए दूर-दराज के गांवों से ग्रामीणों सुबह चार बजे ही लाइनों में खड़े हो जाते हैं।
एसबीआई की फलसूंड शाखा में कर्मचारियों की कमी के कारण दो माह से बैंक के बाहर लगती है कतारें, 15 ग्राम पंचायत के रिटायर फौजी व मास्टर हमें सरकारी कर्मचारियों को पेंशन उठाने में बारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे कर्मचारियों का कहना है कि हमारी पेंशन लाईन अलग से बनाई जाए।


फलसूंड स्थित एसबीआई बैंक में स्टाफ की कमी के कारण पिछले दो महीनों से ग्रामीण रात्रि के समय बैंक के आगे जमा हो जाते हैं। बैंक में पर्याप्त स्टाफ की कमी के कारण लोगो के कार्य समय पर नहीं होने के कारण लोगो को मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा हैं। क्षेत्र के दर्जनों गांवों से रोजाना ग्रामीण बैंक पहुंचते हैं, लेकिन समय पर काम नहीं होने से इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई बार दिनभर रूकने के बावजूद बैंक संबंधित काम नहीं होते हैं। इस स्थिति में ग्रामीण दूसरे दिन फिर आने की बजाय रात को वहीं पर डेरा जमाए बैठे रहते हैं। दूसरे दिन फिर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया की इस संबंध में कई बार बैंक के उच्चाधिकारियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवाया, लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा हैं।

ग्रामीणों ने बताया की कई वृद्ध भी रात्रि के समय बैंक के आगे विश्राम कर रहे हैं। लेकिन उनके इस दर्द को सुनने वाला कोई नहीं हैं। इधर, बैंक प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कर्मचारी दिनभर काम करते हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण दिक्कत आ रही है। आंधी व बारिश के मौसम में परेशानी बढ़ जाती हैं पर ग्रामीणों की कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि नहीं सुनते दिख रहे हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र की एसबीआई बैंक के आगे ग्रामीण अपने कामकाज के लिए रात्रि के समय जमा होते हैं। कई बार आंधी व बारिश में भी लोग बैंक के आगे ही रात गुजारते हैं। इसमें कई उम्रदराज भी लोग शामिल होते हैं। लेकिन ग्रामीणों के इस दर्द को सुनने वाला कोई नहीं हैं। बैंक प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे को लेकर चुप्पी साधे बैठे हैं। इस समय गर्मी उग्र रूप दिखा रही हैं। लेकिन बैंक प्रशासन की और से बैंक में स्टाफ को बढाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। वही क्षेत्र के किसान अर्जुनसिंह व बादरराम देवासी ने बताया कि पिछले दो माह से फलसूंड क्षेत्र के किसानों के हाल बेहाल हैं। किसानों को अपनी केसीसी भरने के लिए तीन से चार दिनों तक रात्रि के समय बैंक के आगे ही रहना पड़ता हैं। इस संबंध में ग्रामीणों व किसानों ने जिला कलेक्टर, स्थानीय विधायक केंद्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत से मांग की कि जल्द से जल्द किसानों की इस समस्या का समाधान करावे।
इनका कहना हैं
बैंक में स्टाफ की कमी के कारण बैंक के कार्य को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग रात्रि के समय बैंक के आगे कतारों में लगे रहते हैं। हमे भी बहुत दुख होता हैं। इस संबंध में बैंक के उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया हैं। जल्द ही बैंक में स्टाफ की कमी को पूर्ण करने के भरसक प्रयत्न किए जाएंगे। - मोहनलाल मीणा, प्रबंधक एसबीआई फलसूंड

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