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किसान समूह हाइटेक नर्सरी खेती की शुरूवात कर हो रहे हैं आत्मनिर्भर

किसान समूह हाइटेक नर्सरी खेती की शुरूवात कर हो रहे हैं आत्मनिर्भर @रामप्रसाद सेन जोधपुर/भोपालगढ। आधुनिक खेती मे हाइटेक उन्नत ...

किसान समूह हाइटेक नर्सरी खेती की शुरूवात कर हो रहे हैं आत्मनिर्भर

@रामप्रसाद सेन
जोधपुर/भोपालगढ। आधुनिक खेती मे हाइटेक उन्नत कृषि -उद्यानिकी की तकनीकी को अपनाने की क्षेत्र के किसानों की रुचि बढ़ने लगी हैं। इस तकनीक के लिए खेती की भूमि लंबाई 12 मीटर चौड़ाई 8 मीटर, पौधशाला से डेढ़ लाख की आय हो रही हैं। हार्टीकल्चर सुपरवाइजर रफीक अहमद कुरैशी ने कहा कि इस क्षैत्र के किसान भी आधुनिक खेती एवं उद्यानिकी तकनीकी को महत्व दे रहे है।

ग्राम पालड़ी राणावता के किसान समूह के सीताराम सेंगवा ने बताया की हमने एक किसान समूह बनाया तथा नाबार्ड व काजरी से नेटशेड मे विभिन्न प्रकार सुविधाओं के लाभ से आज पौधै तैयार की तकनीकी की सलाह किसान समूह की आय का स्त्रोत है। नाबार्ड योजना मे पौधशाला नेटशेड स्टेक्चर तैयार हुआ जिसमें छायादार, फूलदार, फलदार व सब्जियों की पौध तैयार कर रहा हूँ। इसमे खेजड़ी, कुमुट, रोहिड़ा, खारीबादाम, सेंजन, अडूसा, बोगनवेलिया, आंवला, अमरूद, बेर, अनार, पपीता, केरून्दा, टमाटर, बेंगन, गोभी, मीर्च व तुरई इत्यादि के पौधै तैयार किये जारहे है। नेटशेड की लम्बाई 12 मीटर व चौड़ाई 8 मीटर मे है। गत वर्ष समूह को पचास हजार व इस वर्ष डेढ़ लाख रुपये की आय प्राप्ति होगी। काजरी कृषि वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण प्राप्त किया।जोधपुर उद्यानिकी व काजरी से समय समय पर उन्नत तकनीक की जानकारी मिल रही है। खेती मे विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है लाभान्वित होना चाहिए और खेती मे नवीन संसाधनों को अपनाते हुए हाईटेक खेती मे भागीदारी सुनिश्चित करते हुए आय भी वृद्धि कर सकते है। इस मौके उद्यान सहायक कृषि अधिकारी नासिर खिलजी ने हाईटेक खेती की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि पोली हाउस, नर्सरी, औषधि खेती व बूंद-बूंद सिचांई पद्धति आज की आवश्यकता है।

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