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शिक्षा मंत्री डोटासरा के बयान से आक्रोशित बीएसटीसी डिग्री धारकों ने दिया ज्ञापन।

शिक्षा मंत्री डोटासरा के बयान से आक्रोशित बीएसटीसी डिग्री धारकों ने दिया ज्ञापन। @राकेश जैन बाड़मेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत...

शिक्षा मंत्री डोटासरा के बयान से आक्रोशित बीएसटीसी डिग्री धारकों ने दिया ज्ञापन।

@राकेश जैन
बाड़मेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते वर्ष 2019 में 31000 पदों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा 2 सितंबर को करवाने की घोषणा की थी तथा शिक्षक भर्ती संबंधी विसंगतियों को दूर करने का भी दावा किया था, लेकिन 8 माह बीत जाने के बाद भी न तो विज्ञप्ति जारी हुई और ना ही शिक्षक भर्ती पैटर्न। शिक्षा मंत्री ने बुधवार (8 जुलाई) के बयान में बेरोजगारों को और असमंजस में डाल दिया।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने अजमेर में एक बयान में नियमों का बदलाव करते हुए प्रथम लेवल में बीएड डिग्री धारकों को शामिल करने की बात कही जिसके बाद प्रदेश में करीब तीन लाख बीएसटीसी डिग्रीधारी काफी आक्रोश में है जिसका वे सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उसके बाद यह मुद्दा ट्विटर पर टॉप ट्रेडिंग में चल रहा है।
बाड़मेर जिला मुख्यालय के आगे बीएसटीसी डिग्री धारकों ने विरोध प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर विश्राम मीणा और प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें लेवल प्रथम में केवल बीएसटीसी (2 वर्षीय डिप्लोमा) वालों को शामिल करने और बीएड डिग्री धारकों को बाहर करने मांग की। वहीं मौजूद गिरधारी राम बेनीवाल ने बताया कि प्रथम लेवल में बीएड वालों को शामिल करना बीएसटीसी के विद्यार्थियों के साथ अन्याय है, हमारे पास केवल एक ही विकल्प लेवल प्रथम है, लेकिन बीएड वालों के पास कई विकल्प है जिसका वे फायदा उठाएं। वहीं जसराज जाखड़ का कहना है सरकार समय रहते भर्ती की विसंगतियों को दूर करें, लेवल प्रथम में केवल बीएसटीसी डिग्री धारकों को मौका दें, नहीं तो जयपुर में प्रदेश के सभी विद्यार्थी आमरण अनशन व धरना प्रदर्शन की आगामी समय में रणनीति बनाएंगे।  वहीं भवानी सिंह राजपूत ने बताया गूंजता रहेगा सदियों तक ऐसा आगाज लिख देंगे, लहू के हर कतरे से "बीएसटीसी एकता" जिंदाबाद लिख देंगे। लेवल प्रथम हक हमारा, हम लड़ेंगे और जीतेंगे। इसके साथ ही गणेश, गोसाई राम, महेंद्र बिश्नोई, कृष्ण कुमार, हेमंत, लादुराम, छगन सिंह, लक्ष्मण, मूलाराम, सीपी बेनीवाल, दिनेश, मोटाराम कुमावत आदि विद्यार्थी मौजूद थे।

शिक्षक भर्ती की स्थिति साफ नहीं
NCTE की गाइडलाइन के अनुसार अध्यापक पात्रता परीक्षा प्रत्येक छ: माह में होनी चाहिए, लेकिन राजस्थान में अभी तक केवल 2011, 2012, 2015 और 2017 में हुई है पिछले ढाई वर्षो से शिक्षक भर्ती की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को बेसब्री से इंतजार है।
पिछली भर्ती रीट के माध्यम से हुई थी वर्तमान सरकार विद्यार्थियों के हित के लिए पिछली भर्ती परीक्षा के नियमों में संशोधन करना चाहती है लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी न परीक्षा तिथि की स्पष्ट हुई और ना ही सिलेबस की स्थिति साफ हुई, अगली भर्ती रीट के आधार पर होगी या सरकार दूसरा एग्जाम करवाएगी जिस में भी विद्यार्थी असमंजस में है।

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