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किसानों की मुख्य मांगों की सुनवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी।

किसानों की मुख्य मांगों की सुनवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी।  बाड़मेर/सिणधरी। कोरोना महामारी के बीच प्रदेश के किसानों की...

किसानों की मुख्य मांगों की सुनवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी। 

बाड़मेर/सिणधरी। कोरोना महामारी के बीच प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। किसान अपने मांग पत्रों के माध्यम से सरकार व प्रशासन को कई बार आगाह कर चुकी है, इसके बावजूद राहत और समाधान को लेकर कोई प्रयास नहीं हो रहे है। किसान अपनी मांगों को मनवाने के लिए मर्यादित है तो सरकार व प्रशासन इसे कमजोरी समझ कर अनसुना कर रहे है जो किसी भी स्तर पर स्वीकार नही हो सकता। यह बात भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष दलाराम बटेसर समेत प्रान्त मंत्री हरीराम मांजू, जिलाध्यक्ष पेमा राम सोयल, जिला मंत्री प्रहलाद राम सियोल व प्रान्त युवा प्रमुख दौला राम मूंढ ने प्रेस वार्ता करते हुए कही। जिलाध्यक्ष पेमा राम सोयल ने टिड्डी नियंत्रण को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के साथ किसानों को खरीफ की फसल में भारी नुकसान की बात कही। वहीं रबी में टिड्डी दलों के हमले से फसल खराबे का मुआवजा अब तक किसानों को नहीं देने को लेकर पर सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया। इस दौरान जिलामंत्री प्रहलाद राम सियोल ने कहा कि फसल बीमा के नाम पर किसानों के साथ छल किया जा रहा है। किसानों को प्रति हेक्टर फसलवार देय बीमा क्लेम राशि को घटा कर मौटे प्रीमियम के नाम पर लाभ कारी नीति अपना रखी है। जिसमे सरकार को भी प्रीमियम हिस्से के रूप में भारी राशि बीमा कंपनियों को देनी पड़ रही है वहीं किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने वर्ष 2018 से बकाया पड़े फसल बीमा क्लेम पर सरकार की छुप्पी को लेकर भी नाराजगी जताई। प्रान्त मंत्री हरीराम मांजू ने कोरोना जैसी महामारी के बीच किसानों के बिजली बिल माफ नहीं करने, पेनल्टी लगाने व कृषि विद्युत बिलों पर देय अनुदान राशि को बंद करने को सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया। इस सहित किसान प्रतिनिधि मंडल ने सहकारिता ऋण में कटौती, हिस्सा राशि के अनुरूप ऋण नहीं देने, केसीसी आवेदन को लेकर किसानो के कार्य समय पर नहीं करने आदि को लेकर सरकार व प्रशासन के स्तर पर सुनवाई नहीं होने की बात रखी। 

21 जुलाई को जिला मुख्यालय पर आंदोलन
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार की उदासीनता के आरोप को लेकर भारतीय किसान संघ ने 21 जुलाई को जिला मुख्यालय आंदोलन की चेतावनी दी है। जिलामंत्री प्रहलाद राम सियोल ने बताया कि सरकार और प्रशासन को दर्जनों बार ज्ञापन सौपें जाने के बावजूद किसानों की समस्याओं के निस्तारण की कार्यवाही नहीं हुई है। भाकिस प्रवक्ता चोंपाराम सोलंकी ने बताया कि इसको लेकर किसानों में आक्रोश की स्थिति है तथा संगठन ने किसानों की मुख्य मांगों पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में 21 जुलाई को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस अवसर पर सिमरथाराम नवाद, डूंगर राम तरड़, गुसाई राम सारण, पदमाराम सोनी आदि उपस्थित रहे।

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