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राजस्थान, गुजरात सीमा पर जमीन विवाद को लेकर दोनो पक्षों में चले पत्थर तीर, युवक सहित तीन घायल।

राजस्थान, गुजरात सीमा पर जमीन विवाद को लेकर दोनो पक्षों में चले पत्थर तीर, युवक सहित तीन घायल। उदयपुर/कोटड़ा। राजस्थान एवं गुजरा...

राजस्थान, गुजरात सीमा पर जमीन विवाद को लेकर दोनो पक्षों में चले पत्थर तीर, युवक सहित तीन घायल।

उदयपुर/कोटड़ा। राजस्थान एवं गुजरात राज्य के सीमावर्ती दो गाँवो में जमीन विवाद को लेकर दो गुट आमने सामने होने से पत्थर तीर चले जिसमें एक युवक सहित तीन जने घायल हुए हैं। मौके पर दोनो राज्यों का पुलिस बल पहुँचने के बाद मामला शांत हुआ।
थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के समय राजस्थान एवं गुजरात राज्य के दोनों आदिवासी पक्षों में खेतों में बुवाई एवं जमीन पर मालिकाना हक जताने को लेकर विवाद हो गया इसे लेकर दोनो पक्षों से पुरुष एवं महिलाएं पत्थर एवं तीर कमान से एक दूसरे पर हमला बोला।

लाठी भाटा जंग में हमले के दौरान गुजरात के ग्रामीणों ने झाड़ियों में छिपकर राजस्थान के महाडी वियोल निवासी सका पिता रायसा उम्र 25 वर्ष जाति बुम्बरीया को तीर कमान से हमला कर दिया जो कि सका के पीठ में तीर लगने से युवक घायल होकर वही गिर पड़ा वही मणिया पिता होमा एवं मीरा पत्नी सका को पत्थर लगने से घायल हुए जिसे पुलिस ने एम्बुलेंस को बुलाकर तीनों घायलों को कोटड़ा सीएचसी पहुँचाया गया। इस दौरान दोनों तरफ से मामला गरमा गया लेकिन दोनों राज्यों के पुलिस बल मौके पर पहुँचने के बाद मामला शांत हुआ।

घटना की जानकारी के बाद उपखंड अधिकारी ललित मीना, पुलिस उप अधीक्षक भूपेंद्र, थानाधिकारी धनपत सिंह, गुजरात खेरोज थानाधिकारी एम.वी. जोटाना, तहसीलदार ममता यादव, पटवारी सोनल मीना मौके पर पहुँचे और घटना की जानकारी ली। 

विवादित जमीन पर खेती नही करने की दी चेतावनी
दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने दोनो आदिवासी पक्षों को पाबंद करते हुए कहा कि उक्त विवादित जमीन पर कोई भी व्यक्ति खेती नही करने की चेतावनी दी। इस बात पर दोनो पक्षों के ग्रामीणों ने सहमति जताई।

जाने क्या है विवाद
विवाद केवल इन दोनों गाँवो का ही नही बल्कि दो राज्यो का है। क्योंकि जब जमीन सेटलमेंट के समय जमीन खाते की जा रही थी। उस समय इसे राजस्थान सरकार द्वारा 1955 में झांझर गाँव के जिन लोगों के हक़ में जो जमीन आती थी। वह भूमि दी गई, और जब गुजरात का भूमि सेटलमेंट  1958-59 में हो रहा था। तब गुजरात के काश्तकारों को भी इसी जमींन का हिस्सा दिया गया था। जिसे लोगों के कहने पर ही दिया गया था। इसके बाद से ही दोनों गाँव के लोगों के बीच खेती करते समय विवाद उत्पन्न होता था। गुजरात वाले कहते “हमारी जमीन है खेती हम ही करेंगे” और राजस्थान वाले कहते “जमींन हमारी है। इस तरह ये विवाद 1955 से ही चलता आ रहा है। जो की अब तक चल रहा है।

कोटड़ा क्षेत्र में सीमा विवाद वाले गाँव
कोटड़ा राजस्थान की सीमावर्ती तहसील है जिनमे अधिकतर गावों का सीमा विवाद है जिनमे झाँझर का क्यारियां फला, आंजनी, बुझा, कालीकांकर का गवरी फला, गांधीसरना, महाडी का वियोल, मंडवाल, राजपुर, बुढ़िया, भूरी ढेबर इत्यादि गाँव सीमा विवादित है।

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