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बाड़मेर जिले में 75 जगहों पर सौर ऊर्जा बनेगी जलदाता, हर विधानसभा में खुदेंगे नलकूप

बाड़मेर जिले में 75 जगहों पर सौर ऊर्जा बनेगी जलदाता, हर विधानसभा में खुदेंगे नलकूप   प्रतीकात्मक छायाचित्र बाड़मेर। रेतीले बाड़मेर में राजस्थान...

बाड़मेर जिले में 75 जगहों पर सौर ऊर्जा बनेगी जलदाता, हर विधानसभा में खुदेंगे नलकूप 
प्रतीकात्मक छायाचित्र


बाड़मेर। रेतीले बाड़मेर में राजस्थान सरकार पानी की कमी से जूझने के लिए व्यापक स्तर पर सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने की योजना धरातल पर उतार चुकी है। सोलर नलकूप लगवाने के साथ-साथ जलाशयों के निर्माण पर भी खासा ध्यान दिया जा रहा है। सरहदी बाड़मेर में कई स्थानों पर लोगो को अभी ना केवल लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है, बल्कि पानी के स्रोत भी काफी दूर हैं। विषम प्राकृतिक परिस्थितियों के चलते कई जगहों पर बिजली संकट को देखने वाले बाड़मेर में अब जल्द ही एक साथ 75 जगहों पर सौर ऊर्जा जलदाता के किरदार में नजर आएगी। राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत जिले भर में 75 जगहों पर सौर ऊर्जा आधारित नलकुपो के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। हर विधानसभा में विधायकों द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर 10-10 सौर ऊर्जा आधारित नलकुपो पर कार्य चल रहा है वही बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र में 5 अतिरिक्त नलकूप स्वीकृत किए गए है। इन सभी के इस वित्तिय साल के अंत तक पूरा होने वाले इस काम के बाद उन स्थलों पर 24 घण्टे पानी मिल पाएगा। सरकार की इस परियोजना की जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बाड़मेर के अधीक्षक अभियंता जेसी व्यास और सम्बंधित इलाके के अधिशासी अभियंता द्वारा गम्भीरता से मोनेटरिंग की जा रही है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बाड़मेर खण्ड के अधिशासी अभियंता हंजारी राम बालवा ने बताया कि इस वर्ष में बाड़मेर खण्ड में तकनीकी रूप से फिजिबल ग्राम व ढाणियों में 15 सौर ऊर्जा आधारित नलकूपों की स्थापना की जाएगी।राज्य सरकार द्वारा राज्य में वर्षा जल सरंक्षण को लेकर बेहद प्रयास किए जा रहे हो लोगो तक पेयजल पहुचाने के लिए युद्धस्तर पर विभिन्न प्रोजेक्ट चल रहे है। वही राज्य में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता अन्य प्रदेशों की तुलना में न्यूनतम है, वहीं बहुत कम सतही स्रोत होने व आबादी से उनकी अत्यधिक दूरी के कारण प्रति व्यक्ति पेयजल पहुंचाने का खर्चा देश में सर्वाधिक है। ऐसी परिस्थितियों में प्रदेश की पेयजल समस्या का स्थाई निदान करना काफी कठिन एवं अत्यधिक खर्चीला है, लेकिन राज्य सरकार आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है।राज्य भर में इस वर्ष में सौर उर्जा चलित 400 डी-फ्लोरीडेशन संयंत्र लगाये जायेंगे। राज्य में सौर ऊर्जा आधारित एक हजार नलकूपों की स्थापना की जा रही है, जिसमे जिले में 75 स्थानों पर इनके निर्माण का काम जारी है।5 साल निजी फर्म करेगी देखरेख बाड़मेर जिले में 75 स्थानों पर सोलर पावर आधारित नलकुपो के निर्माण एवं आगामी 5 साल के लिए देखरेख का काम एक निजी फर्म को दिया गया है। रेतीले इलाके में बिजली आपूर्ति आज भी कई जगहों पर कठिन चुनोती है ऐसे में सोलर पावर आधारित नलकूप स्थापित होने के बाद बिजली कटौती होने पर भी पानी बाधित नही होगा। जिले के 75 स्थानों पर लगने वाले इन सयंत्रों से समुदाय में पेयजल आपूर्ति के साथ साथ कई स्थानों पर खेतिहरों को उनके खेतो में सिंचाई के लिए भी पानी मुहैया करवाया जायेगा।

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