Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

दुर्लभ वनस्पति संरक्षण के लिए स्काउट्स ने सीड बाॅल थ्रो किया।

दुर्लभ वनस्पति संरक्षण के लिए अनूठा प्रयोग सीड बाॅल थ्रो। बाड़मेर/बायतू/गिड़ा। जैव विविधता की दृष्टि से मरुस्थलीय क्षेत्रों में लुप्त हो रही घ...

दुर्लभ वनस्पति संरक्षण के लिए अनूठा प्रयोग सीड बाॅल थ्रो।


बाड़मेर/बायतू/गिड़ा। जैव विविधता की दृष्टि से मरुस्थलीय क्षेत्रों में लुप्त हो रही घास और वनस्पति की प्रजातियों का संरक्षण अति आवश्यक है बीते कुछ समय से बहुत सी प्रजातियां यहां से समाप्त हो चुकी है या नाम मात्र की मौजूदगी रही है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए इको क्लब रा उ मा वि पूनियों का तला, गिड़ा के तत्वावधान में स्काउट्स ने गत दो दिनों में 1500 सीडबॉल थ्रो की गई जिसमें फोग, सेवण, मुरट, धामण घास के बीजों को काम में लिया गया। 
इको क्लब प्रभारी संतोष कुमार गोदारा ने बताया कि इससे पूर्व जूलाई माह में देशी बेर, खेजड़ी, कुमट और बावळी के बीजों से 2000 सीड बाॅल बनाकर गैरजोत क्षेत्र में फेंकी गई, बीते दिनों की लंबी बरसात के कारण उनका परिणाम लगभग शत प्रतिशत सकारात्मक रहा, इसलिए इस बार विलुप्त हो रही घास के बीज को काम में लिया गया, ताकि उनका सरक्षंण किया जा सके।

क्या है सीड बाॅल थ्रो पद्धति
इस पद्धति के अंतर्गत थोड़ी बारीक मिट्टी को लेकर उसमें कंपोस्ट खाद मिलायी जाती है , फिर उसे भिगोकर बच्चों से खेल खेल में छोटी छोटी बाॅल बना ली जाती है और प्रत्येक बाॅल में एक दो बीज डाल दिये जाते हैं।
फिर बरसात के समय इन सीड बाॅल को खाली भूमि, पहाड़ी, धोरां, वन्य भूमि पर फेंक दी जाती है जिससे वो बीज वहाँ ऊग कर नये पौधे या पेड़ तैयार हो जाते है।

कोई टिप्पणी नहीं