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बाड़मेर, गाँव गाँव के पानी की 6 महीने में 4190 सैम्पलों की हुई जांच।

बाड़मेर, गाँव गाँव के पानी की 6 महीने में 4190 सैम्पलों की हुई जांच। - 4 अलग अलग आधारों पर होती है पानी की जांच बाड़मेर। हर नागरिक तक शुद्ध जल...

बाड़मेर, गाँव गाँव के पानी की 6 महीने में 4190 सैम्पलों की हुई जांच।


- 4 अलग अलग आधारों पर होती है पानी की जांच
बाड़मेर। हर नागरिक तक शुद्ध जल पहुँचे इसके लिए राज्य में जलदाय विभाग पानी की सेहत को जांचने का कार्य युद्धस्तर पर कर रहा है। अकेले सरहदी बाड़मेर में इस वित्तिय वर्ष की छमाही में 4190 पानी के सैम्पलों की जांच कर उनकी रिपोर्ट बनाई गई है और यह सब कुछ जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिला मुख्यालय स्थित जल प्रयोगशाला ने कर दिखाया है। 


क्षेत्रफल के हिसाब से राज्य के दूसरे बड़े जिले बाड़मेर में हर गाँव ढाणी के पानी की नब्ज़ टटोलने का कार्य इन दिनों युद्धस्तर पर चल रहा है। 4 अलग - अलग आधारों पर चल रही पानी की जांच को बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जल प्रयोगशाला में बखूबी अंजाम दिया जा रहा है। बाड़मेर में इस वित्तिय वर्ष में तय किये गए लक्ष्यों का तकरीबन 60 फीसदी लक्ष्य पहली छमाही में अर्जित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक अवशेष क्लोरीन में 1250, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल गुणवत्ता कार्यक्रम में 1830, रसायनिक जांच में 300 और जीवाणु जांच में अब तक 810 वाटर सैम्पलों की जांच की जा चुकी है। इन 6 महीनों में कुल लक्ष्य का 60 फीसदी जांच का काम पूरा किया जा चुका है। बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जल प्रयोगशाला के कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक जसराज सोनगरा के मुताबिक जिले के अलग अलग इलाको से वाटर सैम्पल जिला मुख्यालय की लैब पहुँचते है जहाँ उनकी जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाती है। बाड़मेर जिला मुख्यालय पर स्थित जिले की इकलौती जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जल प्रयोगशाला में टर्बिडिटी, पीएच, आयरन, फ्लोराइड, कठोरता समेत अन्य जांच होती हैं। इन्ही जांचों से पानी की सेहत के बारे में पता लगाया जा रहा है। मानव स्वास्थ्य के तय मानकों के अनुसार पानी में हर तत्व की मात्रा तय है। इससे कम या अधिक होना हानिकारक है। हर व्यक्ति तक शुद्ध जल पहुँचे इसके साथ साथ आने वाले दिनों में बनने वाली विभिन्न जलप्रदाय योजनाओं के लिए यह जांच आधारभूत ढांचा तैयार करती है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बाड़मेर खण्ड के अधिशासी अभियंता हंजारी राम बालवा के मुताबिक विभाग का लक्ष्य हर जल स्त्रोत के पानी की रिपोर्टिंग को तैयार करना है।


सरहदी बाड़मेर में दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के साथ साथ अंतिम छोर पर बसी ढाणियों और आबादी तक शुद्ध पेयजल पहुचाने के लक्ष्य को पूरा करने में जहाँ यह वाटर सेम्पलिंग अहम भूमिका अदा कर रहा है वही ग्रामीण भी अब अपने पानी की जांच के लिए आगे बढ़कर सेम्पलिंग करवाते नजर आ रहे है। जिले भर में ग्रामीण इलाकों में जन स्वास्थ्य एवम अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पानी के सैम्पल एकत्रित करने के साथ साथ विभाग के डब्ल्यू एस एस ओ की आईईसी ईकाई द्वारा ग्रामीणों में शुद्ध पेयजल, जल सरंक्षण के साथ साथ जल बचत को लेकर विभिन्न माध्यमों से जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। जिससे सीधे तौर पर ग्रामीणों को जोड़कर जल बचत की सीख उन्हें सिखाई जा रही है।

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