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जन्म जयंती विशेष:- भोपालगढ़ के अमर शहीद भूपेन्द्र कालीराणा को जाने

जन्म जयंती विशेष:- भोपालगढ़ के अमर शहीद भूपेन्द्र कालीराणा को जाने जोधपुर/भोपालगढ़। वतन के रक्षार्थ कूपवाड़ा कश्मीर में दीपावली की रात अपने प...

जन्म जयंती विशेष:- भोपालगढ़ के अमर शहीद भूपेन्द्र कालीराणा को जाने


जोधपुर/भोपालगढ़। वतन के रक्षार्थ कूपवाड़ा कश्मीर में दीपावली की रात अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद भूपेन्द्र कालीराणा की जन्म जयंती पर शत शत नमन... 

डांवर राम के घर घोङा सूरज का रुका था...

मथुरादेवी की कोख के आगे आसमां झुका था...

धन्य धरा बुङकिया जो भूपेन्द्र सा पूत पाया...

वो जो काल बनकर दुश्मनोँ पर था छाया...

उसकी दास्तां विरांगना गुङिया से सुनो यारोँ...

कहती हैँ सूर्या व प्रकाश देश के लिए हैँ प्यारोँ...


शहीद भूपी : एक परिचय -

(1) जन्म : जोधपुर जिले की भोपालगढ़ तहसिल के गाँव बुड़किया मेँ 1 अक्टूबर 1987 को

(2) पिता : श्री डांवर राम जी (Ex.BSF)

(3) माता : श्रीमति मथुरा देवी

(4) भाई : जगदीश जाट (BSF) व राजेन्द्र जाट (9 जाट रेजीमेँट)

(5) विवाह : 12 मार्च 2011 को

(6) धर्मपत्नी : श्रीमति गुड्डी देवी पुत्री श्री बलदेव पूनियां (ex Army)

(7) पुत्र : बङा पुत्र सूर्या (जिनकी आयु आपकी शहादत के समय 9 माह थी) व छोटा पुत्र प्रकाश (जिनका जन्म आपकी शहादत के दो माह पश्चात हुआ)


(8) शिक्षा : 12वीं उत्तीर्ण, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बुड़किया से


(9) सेना मेँ चयन : वर्ष 2006 मेँ आपका चयन भारतीय सेना की 17 जाट रेजिमेँट मेँ सिपाही के रूप मेँ हुआ। 9 अक्टूबर 2006 को आपने अपना नियुक्ती पत्र ग्रहण किया।


(10) देशसेवा मेँ बलिदान : वर्ष 2012 मेँ आप श्रीनगर के नौगांव सैक्टर मेँ तैनात किये गये। उस दिन दिपावली की रात थी। सारा देश जहां दीपोत्सव की खुशियां मना रहा था, वहीँ भारत माँ के ये अनमोल बेटे अँधेरे से ढकी बर्फ से आच्छादित पहाड़ियोँ पर बैठे देश सेवा का धर्म निभा रहे थे। रात्रि के लगभग 10 बजे इन्हेँ सूचना मिली की 9 सबूरी की घाटियों से कुछ आतंकी सीमा मेँ प्रवेश कर रहे हैँ। देश की सबसे भीषण जंगी जाट रेजिमेँट के ये जाबांज जान की परवाह किये बगैर "ऑपरेशन रक्षक" के तहत आतंकीयोँ का सर्वनाश करने निकल पड़े। लगभग 4 घंटे चली आमने सामने की मुठभेड़ मेँ सभी घुसपेठिये मारे गये। दुश्मन की गोली लगने के कारण जाट रेजिमेँट का जाबांज सिपाही भूपेन्द्र कालीराणा अपने साथी महेन्द्र जाट के साथ भारत माता के आँचल मेँ चिरनिद्रा मेँ सौ गया।


(11) अंतिम संस्कार : 17 नवम्बर 2012 को उनके पैतृक गांव बुङकिया मेँ। समस्त ग्रामवासियोँ की आँखे इस बेटे का मुख देखकर छलछला उठी। शहीद के अंतिम संस्कार मेँ हजारोँ की तादाद मेँ लोग इक्कठे हुए। जोधपुर संभाग के पदाधिकारी, राजनितिक शख्सियतोँ ने अंतिम यात्रा मेँ सम्मिलित हो शहीद को विदाई दी। शहीद भूपेन्द्र की अंतिम यात्रा मेँ किसान नेता रामनारायण डूडी, पाली के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखङ, पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी, हीरालाल मुंडेल, नारायण राम बेडा, भोपालगढ़ विधायक कमसा मेघवाल, जोधपुर जिला प्रमुख दुर्गा देवी बलाई, महापौर रामेश्वर दाधीच, जिला कलेक्टर गौरव गोयल, युवा नेता भागीरथ नैण सहित क्षेत्र के हजारोँ लोग सम्मिलित हुए।


(12) मूर्ति अनावरण : ग्राम बुङकिया मेँ शहीद भूपेन्द्र की प्रथम पुण्यतिथि पर दिनांक 13 नवम्बर 2013 को माननीय कर्नल रोबी जॉर्ज व ब्रिगेडियर N.M. सिँघवी की अध्यक्षता मेँ शहीद की भव्य व विशाल मूर्ती का अनावरण किया गया। समस्त देशवासियोँ को इन वीर सैनिको पर नाज है, जो अपने प्राणोँ की आहूति दे कर करोड़ोँ जानोँ की हिफाजत करते हैँ। शहीद भूपेन्द्र की शहादत को देश युगोँ युगोँ तक याद रखेगा।


शहीद चौधरी भूपेन्द्र कालिराणा को बारम्बार नमन....

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