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राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान बाड़मेर मंडल में मनाया गया फिलेटली दिवस।

राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान बाड़मेर मंडल में मनाया गया फिलेटली दिवस। बाड़मेर। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अन्तर्गत पूरे राजस्थान डाक परिमंडल में...

राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान बाड़मेर मंडल में मनाया गया फिलेटली दिवस।


बाड़मेर। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अन्तर्गत पूरे राजस्थान डाक परिमंडल में विभिन्न दिवसों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को बाड़मेर मंडल में फिलेटली दिवस का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बाड़मेर मंडल के डाक अधीक्षक उदय शेजू ने बताया कि फिलैटली ऐसा अनूठा शौक है, जिसमे व्यक्ति विभिन्न प्रकार की डाक टिकटों का संग्रह करता है। डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत का प्रतिबिम्ब हैं, जिनके माध्यम से वहाँ के इतिहास, कला, विज्ञान, व्यक्तित्व, वनस्पति, जीव-जन्तु, राजनयिक सम्बन्ध एवं जनजीवन से जुडे़ विभिन्न पहलुओं की जानकारी मिलती है। हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छुपी हुई है और इस कहानी से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है। डाक टिकट सिर्फ भौतिक दूरियों को ही नहीं नापता बल्कि आत्मीयता भी बढ़ाता है।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रसिद्द फिलेटलिस्ट नवीन सिंघल ने शिरकत की और अपने उद्बोधन में डाक टिकट संग्रहण में सम्बन्ध में अपने अनुभव साझा किये। सिंघल ने बताया कि छोटा सा कागज का टुकड़ा दिखने वाले डाक टिकट वक्त के साथ एक ऐसे अमूल्य दस्तावेज बन जाते हैं, जिनकी कीमत लाखों से करोड़ों रुपए में होती है। भारत में 1852 में जारी प्रथम डाक टिकट 'सिंदे टिकट' की कीमत आज 4 लाख से 35 लाख रुपए तक है तो दुनिया का सबसे महंगा डाक टिकट ब्रिटिश गुयाना द्वारा  सन् 1856 में जारी किया गया एक सेण्ट का डाक-टिकट है जो वर्ष 2014 में रिकॉर्ड 9.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बिका। गौरतलब है कि सिंघल के पास 200 देशो की 200 साल पुरानी डाक टिकटों का संग्रह है और एक फिलेटलिस्ट के रूप में उन्होंने कई देशो की यात्राएं भी की है।
इसी क्रम में सहायक अधीक्षक बाड़मेर मुख्यालय बाड़मेर सुदर्शन सामरिया ने बताया कि डाक टिकट वास्तव में एक नन्हा राजदूत है, जो विभिन्न देशों का भ्रमण करता है एवम् उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से अवगत कराता है। यही कारण है कि ई-मेल और सोशल मीडिया के इस दौर में भी आज हाथों से लिखे पत्रों और डाक टिकटों की लाखों-करोड़ों में नीलामी होती है। इस अवसर पर बाड़मेर प्रधान डाकघर में 20 फिलेटली डिपोजिट खाते भी खोले गए।
इस अवसर पर बाड़मेर प्रधान डाकघर के डाकपाल चेतन राम वागेला, मुरलीधर बख्तानी, सगराराम, नखताराम, तिलोक चंद, दिनेश छाजेड़, गिरधारी लाल,  अरविन्द माली, जीतेन्द्र कट्टा, दिलीप बादलानी, सहित अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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