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बाड़मेर के डॉक्टर तातेड़ को ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड।

बाड़मेर के डॉक्टर तातेड़ को ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड। - विश्व स्तरीय ऐतिहासिक कार्यक्रम ग्लोबल गांधी शान्ति सम्मान 2020 दिल्ली में हुआ आयोजित -...

बाड़मेर के डॉक्टर तातेड़ को ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड।

- विश्व स्तरीय ऐतिहासिक कार्यक्रम ग्लोबल गांधी शान्ति सम्मान 2020 दिल्ली में हुआ आयोजित
- 30 देशों के विशेषज्ञों ने की शिरकत
गांधी दर्शन एवं सिद्धान्तों को अपनाने से होगी विश्व शान्ति कायम

बाड़मेर। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल अवार्ड, स्वर्ण भारत राष्ट्रीय हिन्दी रत्न सम्मान के बाद 150 वीं गांधी जयन्ती पर डाॅ. बंशीधर तातेड़ को ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड 2020 से नवाजा गया। राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर मिलने वाले सम्मान की श्रृंखला में इस वर्ष में तीन बडे सम्मान से वरिष्ठ शिक्षाविद् एवम साहित्यकार डाॅ. तातेड़ को मिले। महात्मा गांधी के 151 जन्म दिवस के उलक्ष्य में स्वर्ण भारत परिवार, दिशा फाऊण्डेशन एवं उदय कौशल फाऊण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘इन्टरनेशनल यूथ डेवलमेन्ट एवं ग्लोबल पीस काॅन्फेस व अवार्ड’’ का वेबीनार से आयोजन किया गया।विश्व स्तरीय इस कार्यक्रम में अमेरिका, आस्ट्रेलिया, घाना, केमरून, नेपाल, श्रीलंका सहित 30 से अधिक एवं भारत के 18 प्रतिनिधियों ने शामिल होकर महत्वपूर्ण चर्चा में भागीदारी निभाई। इसमें बाड़मेर के डाॅ. तातेड शामिल रहे। इस दौरान 21 व्यक्तियों का चयन नेशनल पीस डेलीगेट के रूप में किया गया। साथ ही देश के 51 विशिष्ट लोगों को ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड 2020 से नवाजा गया।


वेबीनार कांफ्रेस के प्रसारण में श्रीलंका, बाग्लादेश, भुटान, अमेरिका, अफगानिस्तान, आस्ट्रेलिया, केमरून, घाना, दुब्बई आदि 30 देशों के 150 युवाओं ने भागीदारी निभाई। 30 युवाओं को नेक्सट जेन स्पीकर पद दिया गया जो अन्तराष्ट्रीय स्तर पर शान्ति कायम करने की मुहिम चलांएगे। 21 देशों के युवाओं को ग्लोबल पीस एम्बस्डर का पद दिया गया जो पूरे विश्व में शान्ति का सन्देश देंगे।
इस वेबीनार में युवाओं का आहवान करते हुए डाॅ तातेड़ ने कहा कि 150 वर्षो बाद भी गांधी दशर्न और उनके सिद्धांत प्रासंगित है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी क्षेत्र की बात कर लें परन्तु  विश्व में शान्ति कायम करनी है तो बापू के बताए रास्ते पर चलने से ही कायम होगी। उन्होंने कहा कि विश्वभर की शिक्षा पद्धति में बापू के दर्शन को शामिल करना होगा। तभी जा कर बेरोजगारी, भुखमरी, शोषण, कुपोषण का निराकरण होगा और महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं सदभाव के साथ विश्व परिवार का सपना साकार होगा।

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