Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

कृषि क्षेत्र को मजबूत और समृद्ध बनाने में आसियान की भूमिका अहम : कैलाश चौधरी

कृषि क्षेत्र को मजबूत और समृद्ध बनाने में आसियान की भूमिका अहम : कैलाश चौधरी नई दिल्ली। आसियान-भारत मंत्री स्तरीय बैठक में केंद्रीय कृषि एवं...

कृषि क्षेत्र को मजबूत और समृद्ध बनाने में आसियान की भूमिका अहम : कैलाश चौधरी


नई दिल्ली। आसियान-भारत मंत्री स्तरीय बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि हम सभी आसियान सदस्य मिलकर आमजन को सुरक्षित एवं पोषक कृषि उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं।
कोरोना महामारी के चलते कृषि और वानिकी पर आसियान-भारत मंत्री स्तरीय 6ठी बैठक बुधवार को वर्चुअल रूप से आयोजित हुई। इसमें भारत सहित आसियान के सदस्य देशों में ब्रुनेई दारुस्सलाम, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के कृषि एवं वानिकी मंत्रियों ने भाग लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने सह-अध्यक्षता करते हुए भारत का प्रतिनिधित्व किया।

बैठक के बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि भारत के लिहाज से आसियान काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। आसियान के सभी सदस्य देश वर्तमान समय में कोरोना महामारी से प्रभावित हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुरक्षित एवं पोषक कृषि उत्पादों की उपलब्धता को लेकर एक दूसरे का पूर्ण सहयोग करने को लेकर प्रतिबध्द हैं। कैलाश चौधरी ने कहा कि हम कृषि क्षेत्र को मजबूत, एकीकृत और समृद्ध बनाने में आसियान को केंद्रीय भूमिका निभाते हुए देखना चाहते हैं, क्योंकि यह भारत की समृद्धि में भी योगदान देता है।

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग सुनिश्चित करके आसियान क्षेत्रों में कल्याण और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सिद्धांत और उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल वातावरण में किफायती मूल्य पर खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुख्य उद्देश्य से कृषि और खाद्य सुरक्षा भारत सरकार के प्राथमिक मुद्दों में से एक है।

केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि खेती-किसानी हमारे लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि देश की अधिकांश आबादी अभी भी अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर है। भारत ने पिछले दशकों के दौरान हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के माध्यम से खाद्य और दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है। चौधरी ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली की भूमिका को भी रेखांकित किया।

किसान कल्याण को लेकर समर्पित है केंद्र सरकार : 
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने वर्ष 2022 तक किसान की आय को दोगुना करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पूरा करने पर जोर दिया। चौधरी ने देश में कृषि और कृषि प्रौद्योगिकियों में की गई विभिन्न प्रगति के ऊपर भी प्रकाश डाला। बैठक के दौरान सभी पक्षों ने पारस्परिक रूप से प्राथमिक परियोजनाओं, अर्थात जलवायु-स्मार्ट कृषि, कृषि उत्पादन में रोबोटिक्स और ड्रोन का तथा खाद्य प्रसंस्करण में विद्युत चुम्बकीय तरंगों का अनुप्रयोग, फलों और सब्जियों के लिए कटाई-उपरांत प्रौद्योगिकी का संवर्धन और फसलों, पशुधन और जलीय कृषि के लिए ट्रांस-बाउंड्री रोग और स्वास्थ्य प्रबंधन के विकास और कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया।

कोई टिप्पणी नहीं