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सिरोही कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम जनजाति सुरक्षा मंच ने सौंपा ज्ञापन।

सिरोही कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम जनजाति सुरक्षा मंच ने सौंपा ज्ञापन। सिरोही। आज जनजाति सुरक्षा मंच सिरोही के प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति...

सिरोही कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम जनजाति सुरक्षा मंच ने सौंपा ज्ञापन।


सिरोही। आज जनजाति सुरक्षा मंच सिरोही के प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा  प्रतिनिधि मंडल में जनजाति सुरक्षा मंच के प्रमुख धनाराम मीणा, प्रभु राम गरासिया, दुर्गा राम गरासिया, रतनलाल गरासिया, भारमा राम गरासिया,  लालाराम गरासिया, मंछाराम मीणा, पुखराज मीणा उपस्थित थे। मंच द्वारा ज्ञापन की जानकारी देते हुए बताया कि, धर्मान्तरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची से अलग कर उन्हें दिए जाने वाले आरक्षण को समाप्त करना चाहिए।


जनजाति सुरक्षा मंच के सुझाव पत्र में कहा गया है कि वास्तविक जनजातियों के साथ पूरा न्याय करते हुए उन्हें ही निर्धारित सुविधाएं प्रदान की जाएं। वर्ष 2010 में मंच ने इस विषय पर जनमत संग्रह के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया था, जिसमें 27 लाख से अधिक जनजाति वर्ग के लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। वर्ष 1970 में तत्कालीन सांसद, जनजाति नेता स्व. कार्तिक उरांव ने 235 लोक सभा सदस्यों के हस्ताक्षर से युक्त आवेदन तत्कालीन प्रधानमंत्री को सौंपा था। इस संबंध में अनुसूचित जाति/जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक 1967 की संयुक्त संसदीय समिति की अनुशंसा में भी धर्मांतरण करने वाले जनजाति के व्यक्तियों को आरक्षण के लिए अपात्र माना गया था।

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