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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर तीन बालिकाओं ने लिया एक साथ जन्म, परिजन बोले-लक्ष्मी जी आगमन पर हम खुश।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर तीन बालिकाओं ने लिया एक साथ जन्म, परिजन बोले-लक्ष्मी जी आगमन पर हम खुश। इस खबर का विडियो देखने के लिए यहां क्लि...

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर तीन बालिकाओं ने लिया एक साथ जन्म, परिजन बोले-लक्ष्मी जी आगमन पर हम खुश।


राजस्थान/बाड़मेर। "यत्र नार्यस्तु पूज्यते, रमन्ते तत्र देवता" यानी जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। श्रृष्टि की शुरुआत से महिलाओं का सम्मान किया जाता रहा है। लेकिन युग, काल और सदियां बीतने के साथ महिलाओं के प्रति लोगों की सोच बदलती चली गई। बाल विवाह, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्याएं अभी भी समाज में व्याप्त है। आए दिन यौन शोषण, दुष्कर्म, गैंगरेप और हत्या की खबरें सामने आती रहती हैं। दुनियाभर में बेटियों के प्रति समाज का दोहरापन दिखता है। लड़कियों को आज भी शिक्षा, पोषण, चिकित्सा, मानवाधिकार और कानूनी अधिकारों से वंचित रखा जाता है। लड़कियों को उनके तमाम अधिकार देने और बालिका सम्मान के प्रति दुनिया को जागरूक करने के उद्देश्य से ही हर साल 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस बालिका दिवस के उपलक्ष में शासन प्रशासन कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को 'बेटी-बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के संदेश के साथ बालिकाओं को समर्थ बनाने की अपील भी कर रहा है। इसी बीच पश्चिमी राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के दिन रविवार को एक महिला ने एक साथ तीन बालिकाओं को जन्म दिया है। तीनों बालिकाएं प्रसव पीड़ा के दौरान ऑपरेशन से पैदा हुई और तीनों स्वस्थ बताई जा रही है। तीन बालिकाओं के एक साथ जन्म से जहां मां शायरदेवी खुश नजर आ रही है। वहीं परिवार भी विश्व बालिका दिवस पर जन्मी बालिकाओं की खुशी मना रहा है। बाड़मेर के भाडखा गांव के रुगाणियों की ढाणी निवासी नवजात बच्चियों के ताऊ जगदीश कुमावत और दादी अनसीदेवी का कहना है कि आज के युग मे बेटी-बेटा दोनों समान है। उनके परिवार में पहले भी चार बेटियां है। दिवाली भी नजदीक है ऐसे में तीन बेटियां और लक्ष्मी के रूप में उनके घर मे अवतरित हुई है। परिवार ने सफल ऑपरेशन के लिए चिकित्सकों एवं मेडिकल टीम का भी आभार जताया।

सफल ऑपरेशन करवाने वाले शिशु एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल बामनिया का कहना है कि मई 2020 से गर्भवती महिला उनसे इलाज ले रही है। करीब साढ़े 4 माह के गर्भ के दौरान करवाई गई सोनोग्राफी रिपोर्ट में ट्रिपल प्रेग्नेंसी की पुष्टि हुई। ऐसे में परिवार को भी आश्चर्य था और लगातार इलाज और परामर्श के चलते प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती को अस्पताल लाया गया था। जहां रविवार सुबह सफल ऑपरेशन में गर्भवती महिला ने एक साथ तीन बच्चियों को जन्म दिया। डॉ. बामनिया के अनुसार तीनों बच्चियां स्वस्थ है और तीनों का वजह 2 किलोग्राम से ऊपर है। बालिका दिवस पर जन्मी तीन बच्चियों के परिजन भी काफी खुश है।

आंकड़ों की मानें तो भारत मे प्रति 250 प्रेग्नेंसी पर दो बच्चों का जन्म, प्रति 10 हज़ार प्रेग्नेंसी पर तीन बच्चों का जन्म और औसतन प्रति 7 लाख प्रेग्नेंसी पर 4 बच्चे एक मां के गर्भ से जन्म लेते है।

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