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कोरोना के चलते नहीं निकला जुलूस - ए - मोहम्मदी, सादगी से मनाया ईद मिलादुन्नबी पर्व।

कोरोना के चलते नहीं निकला जुलूस - ए - मोहम्मदी, सादगी से मनाया ईद मिलादुन्नबी पर्व। बाड़मेर। नबी की पैदाइश पर मनाए जाने वाला जश्ने ईद मिलादु...

कोरोना के चलते नहीं निकला जुलूस - ए - मोहम्मदी, सादगी से मनाया ईद मिलादुन्नबी पर्व।

बाड़मेर। नबी की पैदाइश पर मनाए जाने वाला जश्ने ईद मिलादुन्नबी महापर्व कोरोना के चलते सादगी पूर्वक मनाया गया। इस दौरान पर्व का मुख्य आकर्षण जुलूस ए मोहम्मदी व जलसा कार्यक्रम का आयोजन नहीं हुआ। वहीं मुस्लिम इलाकों में मोमीन भाइयों ने अपने घरों को लाइट व फूलों से बेहतरीन सजावट कर ख़ुशी जाहिर करते हुए सादगी पूर्वक ईद मिलादुन्नबी पर्व की मुबारक बाद पेश की। वहीं कब्रिस्तान दरगाह शरीफ में चयनित उल्माएं किराम व मौजीज चंद सदस्यों ने पीर अहमदशाह दादा की दरगाह शरीफ पर चादर पोशी कर देश की खुशहाली, अमनो अमान, आपसी भाईचारे की दुआएं कर कोरोना के जल्द से जल्द खात्मे की कामनाएं की।


अंध मुक बघीर विद्यालय में फल, फ्रूट व ज्यूस वितरण कर सबकी खिदमत सबसे मुहब्बत का पैग़ाम दिया गया। मंच के संयोजक अबरार मोहम्मद ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी महापर्व के अवसर पर मजलिस ए हिन्द के जिलाध्यक्ष भूटा खान जुनेजा की अध्यक्षता में नबी की आमद पर्व के अवसर पर मजलिस ए हिन्द, तहरीक उल्मा ए हिन्द, हाले पोत रा नक्शबंदी ग्रुप व मोमीन ब्रदर्स मंच द्वारा अंध मुक बघिर विद्यालय में सबकी खिदमत सबसे मुहब्बत कार्यक्रम आयोजित कर आँखों और दिमाग से माजूर बच्चों को फल, फ्रूट, ज्यूस वितरण कर कोरोना जागरूकता का संदेश देते हुए मास्क बांटे। वहीं इस दौरान मोमीन भाइयों ने रेलवे कुआं नंबर, कोटवाल मोहल्ला, गेंहू रोड इत्यादि जगह घर घर जाकर व बिना मास्क जा रहे राहगीरों को मास्क वितरित किए। 
जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी लाल मोहम्मद सिद्दीकी ने कहा कि मुस्लिम समाज का सबसे बड़ा महापर्व ईद मिलादुन्नबी है। जो इंसानियत की खिदमत का पैग़ाम देता है। मजलिस ए हिन्द के जिलाध्यक्ष भूटा खान जुनेजा ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब जरूरतमंदो को कभी खाली हाथ नहीं लौटाते थे। वे दीन दुखिओं के सच्चे सेवक थे। उन्हीं के संदेश को आमजन तक पहुंचाने के लिए विमंदित बच्चों को मुस्लिम समाज द्वारा फल, फ्रूट, ज्यूस वितरण कर मखलूक की सेवा की गई।  मौलाना मंठार सिद्दीकी ने कहा कि पैगम्बर ए इस्लाम ने इंसानियत को सर्वोच्च मानते हुए हमेशा अमन और शांति कायम करने का पैग़ाम दिया। प्रत्येक व्यक्ति को उनकी शिक्षा का अनुसरण करते हुए राह अख्तियार करनी चाहिए। 
इस अवसर पर दारुल उलूम जियाउल मदरसा रेलवे कुआं नंबर तीन के सदर ए मुदर्रिश मौलाना मंठार सिद्दीकी, मजलिस ए हिन्द के अध्यक्ष भूटा खान जुनेजा, हाले पोतरा नक्शबंदी के आवेश रजा, अब्दुल सलीम, अलिशेर सहेता, थार मुस्लिम एज्युकेशन वेलफेयर सोसायटी के उपाध्यक्ष मास्टर रफीक मोहम्मद, सयुंक्त सचिव शौकत शेख, मोमीन ब्रदर्स मंच के संयोजक अबरार मोहम्मद, शाह मोहम्मद कोटवाल, मास्टर अनिश अहमद, इमदाद भाई नोहडी, अंध मुक बघिर विद्यालय के ईश्वर सिंह इत्यादि मौजूद रहे।

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