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राजस्थानी रामलीला नै ऑनलाईन देखी आखी दुनिया।

राजस्थानी रामलीला नै ऑनलाईन देखी आखी दुनिया। @ रामप्रसाद सेन जोधपुर/भोपालगढ। सत्यनारायण राजस्थानी आसोप बतायो कै हर बरस आसोप गाम में रामलीला ...

राजस्थानी रामलीला नै ऑनलाईन देखी आखी दुनिया।


@ रामप्रसाद सेन
जोधपुर/भोपालगढ। सत्यनारायण राजस्थानी आसोप बतायो कै हर बरस आसोप गाम में रामलीला रो आयोजन हुवै, इण बरस कोरोना काळ रै चाल इण बरस रामलीला रो मंचन नी हुवै, जिण रै चालता कलाकार उदास नी होवे इण अर आपणी सांस्कृतिक विरासत ने जीवती राखण वास्ते अर मायङ भासा राजस्थानी नै मानता दिरावण वास्तै इण रामलीला रो लाईव प्रसारण जै जै राजस्थान टीम सोशल मीडिया सू आखै जगत मे करै। जिण सू आवण वाळी नूंवी पीढी रामायण री जाणकारी मिल सके। गीत-संगीत-संवाद-पैरा‘न सगळा राजस्थानी

मायड़ भासा राजस्थानी नै संविधान री आठवीं पानड़ी में ठाई ठौड़ दिरावण सारू लगोतार छटवै बरस मायड़ भासा राजस्थानी लोककला रंगमंच सूरतगढ़ खानी सूं राजस्थानी रामलीला रो मंचन सरू हुयो। करोना काल रै चालता थकां  इण रो ऑनलाइन प्रसारण करीज्यो।


राजस्थान री धरती त्याग अर बलिदान देवण में सबसूं आगै रैयी है। जठै पन्नाधाय मालक रे बेटे नै बचावण सारू आपरै बेटे रो बलिदान दियो, हाडी राणी सैनाणी रै रूप मांय आपरो सिर सूंप्यो, रूंखां नै बचावण सारू अमृता देवी सणै परवार आपरो बलिदान दियो, राणी पदमणी जौहर करियो, भामाशाह खजानै री तिजोरियां खाली करी, महाराणा प्रताप घास री रोटी खाई, मीरां रा मीठा भजन आखै देस में आदर भाव सूं गाईजै। बठै राजस्थानी लोगां आजादी रै पछै नूंवै भारत रै गठन रै बगत हिंदी नै राजभासा बणावण सारू आपरै टाबरां री जबान काट‘र देस रे चरणां माथै रख दिनी। इण बलिदान रै बदळै राजस्थानीयां नै भोळा अर मूर्ख मान‘र आजादी रै सात सईका पछै ई आपरी मायड़ भासा राजस्थानी में बोलण री आजादी सूं दूर राख्या है। इण मोकै सिरैपावणा पार्षद, राजस्थानी भासा समिति रा जिलापाटवी परसराम भाटिया, सुधाकंवर, विक्की मील, अशोक परिहार उदय, रामेसरदास स्वामी, अमित कल्याणा, अशोक बत्रा बिंदायक जी री आरती कर'र रामलीला री सरूआत कराई।

इण मोकै संस्थाध्यक्ष ओम साबणिया कैयो अबै राजस्थान रा लोग आपरी मायड़ भासा राजस्थानी री अणदेखी सैहण नीं करैला। बणां राजस्थानी रामलीला रै मंचण नै सोनलीयै आखरां मांय लिखिजण वाळो कारज बतायो।
इण मोकै पर बां कैयो कै राजस्थानी भासा, साहित, संस्कृति रै साथै भगती भाव रै इण निरवाळै रळाव रो ओ अबखो कारज घणो सरावणजोग है।



पैली रात री लीला मांय दिखाळया दरसाव -
राजस्थानी रामलीला री पैली रात री लीला में नारद - मोह, श्रवण-मरण, रावण-नंदी संवाद आद लीलावां नैं देख‘र दर्शक गळगळा होयग्या। जिण मांय राजा दशरथ रो बाण श्रवण नैं लागणो, श्रवण रा आपरै आंधा मायतां नै पाणी ना प्या सकणै रै अणमाप दुख रै साथै पिराण छोडणै री लीला देख‘र दर्शकां री आंख्यां छलीजगी। 

पैली रात री लीला रै संवादां री बानगी:-
इंद्र - धरती पर मुनिराज नारद जी करड़ी समाधी लगाई है। इण सारू हे कामदेव भाई अब याद थारी आई है।।  
इणी बगत धरती पर हे कामदेव भाई जाओ। 
जिकी आफत आवण आली है उण सूं लारौ छुटवाओ।। 
मनै मतलब इंदा्सन सूं है नारद जी सूं कोई बैर नंई। 
जे तपस्या सफल  हुगी तो पछै आपणी खैर नंई।
कामदेव- इणी बगत मै धरती पर दल-बल साथै जावूं हूं।
छल सूं बल सूं कामदेव चतराई सूं नारद जी रो धयान हटावूं हूं।। 
विष्णु- सुणाओ राजी खुशी आप री किया आया मुनिराज। आया हो घणां दिनां सूं दरसण देंवण आज।। 
नारद- रेखावां साफ बतावै है इणरो बर अजर अमर होसी। जद विश्व मोहिनी कन्या है तो बर भी विश्वम्बर होसी। 
तीनूं लोकां मे उण बरगो दुसरो कोई कोनी हुवै। 
आ लिछमी रूपा है बर विष्णु रूप होसी।। 
रावण- है.. है मेरो बिमान एकदम रूक किंया गयो। 
हुयी है किण री हिम्मत जिको मरै पत्थर सूं टकरा'र। 
पड़यो है कुण मौत रै भंवर मं मेरै सामी आयर।। 
के इण जगत में कोई इसयौ भी यौधा है। 
जिकै मारग चालतै मेरै विमान नैं रोकयो है।।



आं कलाकारां दिखाई आप री कला-
गणेश जी - तपेश, विष्णु-मनोज सुथार, दशरथ-अमित कल्याणा, श्रवण-निखिल स्वामी, श्रवण रा मायत संदीप भांभू अर संजय बिश्नोई, इंद्र- कुलदीप स्वामी, कामदेव- पुनित, रावण-राजू भार्गव ,नंदी-प्रदीप बाजीगर, विभीषण- संदीप भांभू, कुंभकरण- दीपू साबणियां, मारीच - यश वर्मा, ब्रह्मा-सुजित,शिव-निखिल स्वामी, नारद-प्रदीप बाजीगर, विश्वमोहिनी- सूर्य स्वामी, शीलनिधी- राजकमल, इन्द्र - कुलदीप स्वामी, गोविन्द सिंघ अर शंकर शर्मा आद आपरी कला रा जौहर दिखाया। मंच संचालण हरीश हैरी करयो। मनोजकुमार स्वामी रो निर्देसण रैयो।

जै जै राजस्थान री टीम करयो आखै जगत में लाईव प्रसारण :-
खास बात आ कै इण पैली रात री लीला रो प्रसारण हनुवंतसिंह राजपुरोहित लंदन री अगुवाई में जै जै राजस्थान री टीम करयो। हनुवंतसिंह राजपुरोहित लंदन, सत्यनारायण राजस्थानी आसोप, अचल सोनी लंदन, अरूण तापड़िया लखिमपुर, आकाश मोदी उड़ीसा, किरण राजपुरोहित जोधपुर, फाऊलाल प्रजापत बैंगलोर री टीम इण प्रसारण नै आखी दुनिया तांई पूगायो। सूरतगढ़ सूं अशोक, हरीश, अनिल स्वामी तकनीकी पख संभाळ्यो। इण मौके संस्थान रा अध्यक्ष ओम साबणिया पावणा रो आभार जतायो।

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