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किसानों को खल रहा है सब्जी मंडी का अभाव।

किसानों को खल रहा है सब्जी मंडी का अभाव। @ इंद्रजीत शर्मा महेंद्रगढ़/कनीना। करीब 800 वर्ष पुराने एवं बावनी के नाम से प्रसिद्ध कनीना उप-मंडल म...

किसानों को खल रहा है सब्जी मंडी का अभाव।

@ इंद्रजीत शर्मा
महेंद्रगढ़/कनीना। करीब 800 वर्ष पुराने एवं बावनी के नाम से प्रसिद्ध कनीना उप-मंडल में सब्जी मंडी का अभाव किसानों को खल रहा है। सब्जी मंडी न होने से किसान सब्जी उगाने से कतरा रहे हैं वहीं उपभोक्ता अति महंगी सब्जी खरीद रहे हैं। 
सब्जी मंडी के लिए बार-बार मांग भी उठती रही है और प्रयास भी हुए हैं। क्षेत्र के किसान परंपरागत कृषि में बदलाव चाहते हैं और कुछ सब्जी उगाने का प्रयास कर रहे हैं किंतु सब्जी मंडी महेंद्रगढ़ 20 किमी दूर या फिर रेवाड़ी 35 किमी दूर पड़ती है जो किसानों के लिए महंगी पड़ती है। किसान सब्जी को वहां तक ले जाने में किराया देकर सब्जी ले जाते हैं और कई बार भाव उचित न मिलने के कारण जितने की सब्जी बिकती है उतना ही किराया अदा कर देते हैं। 
कनीना की 52 हजार एकड़ भूमि पर आलू, मिर्च, प्याज, टमाटर एवं बैंगन आदि की बेहतर सब्जी हो रही है। किसान अगर ये सब्जिया उगा लेते हैं तो उनकी खरीफ व रबी की फसल पैदा नहीं हो पाती है जिसके चलते कृषि घाटे का सौदा बन जाता है। अगर सब्जी मंडी हो तो किसान सब्जी उगाने का प्रयास कर सकते हैं। 
कनीना के किसान राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, अजीत कुमार का कहना है कि वे वर्षों से टमाटर, भिंडी, चप्पल कद्दू एवं बगैर खाद एवं कीटनाशी की सब्जी उगा रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार सब्जी बेचने के लिए दूर दराज मंडी में जाते हैं तो सब्जी बेचकर सब्जी को सब्जी मंडी तक ले जाने का किराया ही पूरा हो पाता है। सब्जी उगाने, तोडऩे व अन्य खर्चे की पूर्ति कर पाना कठिन है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि सब्जी मंडी पास हो तो वे सब्जी को बेचकर आ सकते हैं और किराया बच सकता है। 
गाहड़ा गांव के सत्येंद्र शर्मा ने आधा एकड़ जमीन पर लगभग 2500 रुपये खर्च करके बेहतरीन मूली पैदावार ली है जिसके मूली का थोक में भाव 10 रुपये प्रति किलो चल रहा है। उन्होंने अब तक 30 हजार रुपये कमा लिये हैं जबकि अभी भी आधी से ज्यादा खेत की मूली खेत में खड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार किसान सब्जी तो उगा लेते हैं लेकिन परेशानी उठानी पड़ रही है क्योंकि सब्जी मंडी का अभाव है। सब्जी मंडी चेलावास में बनाई जा रही है लेकिन धीमी गति से कार्य होने के कारण पूर्ण होने में समय लग सकता है।

पूर्व कृषि अधिकारी डॉ. देवराज यादव का कहना हैं की कनीना क्षेत्र में मिर्च, प्याज, टमाटर, बैंगन, कुकरबिट सब्जियां बेहतर पैदावार प्रदान करती हैं। किसानों का रुझान भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान सब्जी उगा रहे हैं किंतु केवल इतनी ही उगा पा रहे हैं जितनी उनको अपने घर परिवार में चाहिए। उधर उपभोक्ताओं का कहना है कि सब्जी मंडी अगर पास हो तो वे बढिय़ा सब्जी खरीद पाएंगे। इस वक्त सब्जी महंगे दामों पर मिल रही है। ऐसे में उन्होंने सब्जी उगाने एवं सब्जी मंडी स्थापित करने की मांग की है।

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