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जालोर में हृदय विदारक घटना स्थल पर पहुंचे जिला कलेक्टर एवं एसपी ने घटना के बारे मे ली विस्तृत जानकारी।

जालोर में हृदय विदारक घटना स्थल पर पहुंचे जिला कलेक्टर एवं एसपी ने घटना के बारे मे ली विस्तृत जानकारी। जालोर। निकटवर्ती महेशपुरा गांव में शन...

जालोर में हृदय विदारक घटना स्थल पर पहुंचे जिला कलेक्टर एवं एसपी ने घटना के बारे मे ली विस्तृत जानकारी।


जालोर। निकटवर्ती महेशपुरा गांव में शनिवार देर रात्रि यात्रियों से भरी बस में हाई वॉल्टेज विद्युत करंट प्रवाहित होने व आग लगने से घटित हृदय विदारक हादसे के घटनास्थल महेशपुरा रविवार अलसुबह जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षण श्याम सिंह पहुंचे। 
जिला कलेक्टर गुप्ता ने वहां पर स्थानीय ग्रामीणों एवं घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होनें घटना स्थल का गहन निरीक्षण किया। घटना स्थल पर प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हे बताया कि दो निजी ट्रावेल्स बसें रास्ता भटक जाने के कारण महेशपुरा गांव के अन्दर आ गयी  तथा एक बस में हाई वाल्टेज करंट प्रवाहित होने से आग लग गयी। घटना के दौरान बस का खलासी बस की छत पर चढा हुआ था तथा विद्युत तारों की निगरानी रख रहा था। सबसे पहले विद्युत करंट उसे ही लगा। उसके बाद बस में करंट प्रवाहित हुआ। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारी भी मौजूद थे।
कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने घटना में मृत लोगों के परिजनों को ढांढस बंधाया। कलेक्टर हिमांशु गुप्ता घटना में मृत लोगों के परिजनों से वार्ता कर हुये भावुक हो गए। जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता रविवार प्रातः जिला मुख्यालय के सामान्य अस्पताल पहुंचे तथा घटना में घायल लोगों की स्थिति को देखा तथा भर्ती मरीजों से वार्ता की। 
जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता अस्पताल में भर्ती मरीजों से वार्ता कर एवं वहां उपस्थित घटना में मृत लोगों के परिवार जनों से वार्ता कर भावुक हो गये। उन्होने घटना में अपनी पत्नी एवं सास को खो चुके अनिल जैन से विस्तृत वार्ता की। अनिल जैन दूसरी बस में सवार थे। जो कि इस बस के पीछे पीछे चल रही थी। अनिल जैन ने घटना में अपनी पत्नी एवं सास को खोया है। अनिल जैन ने बताया कि घटना के वक्त वे पीछे वाली बस मे सवार थे तथा जैसे ही उन्होने देखा की पहली बस की छत पर खडे व विद्युत तारों की निगरानी रख रहे खलासी को कंरट लगा। वे तुरंत दूसरी बस से उतरे तथा पहली बस के ड्राईवर को सूचना दी। देखते ही देखते पूरी बस में विद्युत करंट प्रवाहित हो गया। उन्होने बताया कि मैने तथा अन्य लोगों ने बस से यात्रियों को जितना जल्दी हो सकता था उतारा परन्तु उनकी आंखों के सामने ही उनकी पत्नी और सास इस हादसे की शिकार हो गयी। उन्होने इसके बाद भी लोगों को बाहर निकालने का पूरा प्रयास किया। उनका बच्चा भी जैसे तैसे बस की खिडकी से कूद कर बचा। जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता इस हृदय विदारक घटना का वृतांत सुनकर भावुक हो गये। उन्होन अनिल जैन को ढांढस बंधाते हुये हिम्मत रखने की बात कही। उन्होने अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों से भी वार्ता कर उन्हे भी ढांढस बंधाया तथा हर संभव मदत का आश्वासन दिया। 
 उन्होने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल में भर्ती मरीजों को सभी प्रकार से चिकित्सा सुविधा तथा राहत पहुंचाने के निर्देश दिये। उन्होने प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को घटना की जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। 
धर्मशाला मे ठहरे अन्य लोगों से भी मिले जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक हर संभव मदत का आश्वासन दिया।
जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक इसके पश्चात जैन नंदीश्वर मंदिर की धर्मशाला (जैन बोर्डिंग) भी पहुंचे । जहां पर बस के अन्य यात्रियों को ठहराया गया है। धर्मशाला में दूसरी बस के यात्रियों तथा अन्य यात्रियों को ठहराया गया है। वहां पर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने घटना के बारे में अन्य बस में सवार यात्रियों से भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होने वहां ठहरे अन्य यात्रियों को जोधपुर अस्पताल में रेफर किये गये मरीजों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होने बताया कि जोधपुर अस्पताल में रेफर 7 मरीजों मे से 5 की स्थिति खतरे से बाहर है तथा 2 की स्थिति गंभीर होने से वहां के चिकित्सकों द्वारा 24 घंटे निगरानी की बात कही गयी है। उन्होने बताया कि अस्पताल मे भर्ती मरीजों की चिकित्सकीय सुविधा व उपचार को लेकर किसी प्रकार की चिंता ना करे। 
जिला कलेक्टर गुप्ता ने वहां पर घटना में अपनी पुत्री एवं पत्नी को खो चुके गजराज जैन से उनके कमरे मे जाकर वार्ता की तथा ढांढस बंढाया।
जालोर अस्पताल मे भर्ती सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद किया डिस्चार्ज
जोधपुर अस्पताल के लिये 7 मरीजों को रात्रि में रेफर किया जिनमें से 5 की स्थिति खतरे से बाहर हैं।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.पी. शर्मा ने बताया कि घटना में 7 गंभीर मरीजों को जोधपुर अस्पताल रेफर किया गया जिनके नाम दिनेश कुमार, गौतम, ताराबेन, कौशल्या, कान्ता, प्रियंका तथा शकुन्तला है। उन्होने बताया कि जालोर सामान्य अस्पताल मे भर्ती सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है तथा घटना में मृत 6 लोग जिसमें से 3 महिला एवं 3 पुरूष के शवों को लेने के लिये उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया  है तथा लगातार उनसे दूरभाष पर सम्पर्क कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान जिले के प्रशासनिक, पुलिस एवं विद्युत विभाग के आला अधिकारी भी उनके साथ थे।

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