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सोनड़ी में भगवान जांभोजी के जयकारे के साथ 383वां जंभेश्वर मेला संपन्न।

सोनड़ी में भगवान जांभोजी के जयकारे के साथ 383वां जंभेश्वर मेला संपन्न। बाड़मेर। जिले के धोरीमन्ना उपखंड निकटवर्ती विष्णुधाम सोनड़ी में 383 वां...

सोनड़ी में भगवान जांभोजी के जयकारे के साथ 383वां जंभेश्वर मेला संपन्न।



बाड़मेर। जिले के धोरीमन्ना उपखंड निकटवर्ती विष्णुधाम सोनड़ी में 383 वां श्री गुरु जंभेश्वर मेला विशाल यज्ञ एवं पाहल के साथ संपन्न हुआ। जिसमें हजारों पर्यावरण प्रेमियों ने घी व नारियल की स्वाह के साथ में आहुति देते हुए सुकाल की कामना करते हुए मेले परिसर को भगवान जांभोजी की जय जय कार से गुंजायमान कर दिया। बाड़मेर जिले का विश्नोई समाज का सबसे प्राचीन एवं भव्य श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर पर फाल्गुन अमावस्या पर विशाल श्री गुरु जंभेश्वर मेला भरा। श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर सोनड़ी के स्वामी सुखदेव मुन्नी महाराज, स्वामी रामनन्द महाराज के पावन सानिध्य में भगवान श्री गुरु जम्भेश्वर के 120 शब्दवाणी से पाहल एवं लाखों की संख्या में पर्यावरण एवं समाज के हजारों महिला पुरुषों ने भी नारियल की स्वाह के साथ में आहुति देकर सुकाल एवं सुख समृद्धि की कामना करते हुए भगवान जंभेश्वर मंदिर में 137 साल से प्रज्जवलित अखंड ज्योति के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने का वरदान मांगा। पर्यावरण प्रेमियों ने देखते-देखते पक्षियों के लिए चूगे का ढेर लगा दिया। भगवान जाम्भोजी की जय जयकार करते हुए पर्यावरण प्रेमी मंदिर की परिक्रमा करते हुए पक्षियों को चुगा डालते हुए यज्ञ में नारियल की आहुति के साथ में पूरे क्षेत्र को भक्ति मय बनाते हुए दिन में ठीक 1:00 बजे श्री गुरु जंभेश्वर सेवक दल एवं बिश्नोई समाज सेवा समिति सोनड़ी का खुले अधिवेशन की मंच की ओर बढ़े। स्टेडियम पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि यह मनुष्य तन पाकर के पर उपकार में लगाओ जब मनुष्य जीवन दिया है तो उनका उपयोग दूसरों की भलाई सहयोग और कंधे से कंधा देने के लिए सबसे बड़ा अवसर है मनुष्य जन्म पाकर क्यों नहीं भगवान और जिसने मनुष्य जन्म पाकर के भगवान के गुणगान नहीं किए वह इस चराचर जगत में जन्म लेना ही व्रत है। 



भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष अनन्तराम खिलेरी ने कहा कि भगवान जांभोजी ने 27 वर्ष तक गायों को चराई इसीलिए अपन को इस संसार में आकर के गौ माता की सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य काम है वह हमारी माता है माता की सेवा करना बेटा का कर्तव्य है मां सेवा बेटा पूर्ण कर्तव्य से करेते हुए इस भव सगार से पार कर सकता है साथ में सेवा करेगा तो मां आशीर्वाद देगी जब मां आशीर्वाद देगी तो उसका आशीर्वाद फलीभूत होगा उसका आशीर्वाद फलीभूत होगा तो वह कभी विफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज वर्तमान समय में शिक्षा आधुनिक शिक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करवाने अपने बच्चों को अधिक से अधिक संस्कार दे कर के अपने बच्चों को विद्यालय से जोड़ो साथ ही साथ वर्तमान समय में टूटते रिश्ते पर भी अपना ध्यान केंद्रित करना है जिससे कि हम हम हमारी सदियों से चली आ रही परंपरा को जीवित रख सके।कार्यक्रम में उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार धेतरवाल ने रोजगारयुक्त शिक्षा पर जोर देते हुऐ कहा की आज के इस तकनीकी युग में तकनीकी शिक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता है बाड़मेर जिले में लगने वाली रिफाइनरी एवं रिफाइनरी से जुड़े हुए उद्योगों में रोजगार की भरपूर संभावना है इसके लिए अपन को भी इंजीनियरिंग शिक्षा की ओर ध्यान देते हुए बाड़मेर में स्थित विभिन्न विषयों में इंजीनियरिंग करने के अवसर उपलब्ध है समय और आवश्यकता के अनुसार इस और समाज को ध्यान देना होगा। आपने कहा कि बिना संस्कार शिक्षा का कोई महत्व नहीं है संस्कारवान व्यक्ति ही देश समाज और परिवार का नाम रोशन कर सकता है इसलिए इसका शिक्षा के साथ में संस्कार होना आवश्यक ही नहीं नितांत आवश्यक है आपने कहा कि बालक की प्रथम पाठशाला परिवार परिवार की प्रथम पाठशाला है माँ संस्कारों का मुख्य केंद्र है जो अपने बच्चे को जैसा बनाना चाहती है वैसा बना सकती है। भाजपा प्रदेश मंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को नशा मुक्त जीवन जीना होगा नशा व्यक्ति को आंतरिक रूप से खोखला बना देता है जिससे व्यक्ति की सोचने की समझने की मनन करने की शक्ति नष्ट हो जाती है इसलिए वर्तमान के शिक्षा के युग में अपन को नशा रूपी कुरुतियाँ बाल विवाह मृत्यु भोज दहेज राक्षस वृत्तियों को छोड़ना होगा। धोरीमना प्रधान श्रीमती इंदु विश्नोई ने कहा कि आज के युग में नारी शिक्षा अति आवश्यक हो गई है क्योंकि एक नारी पढेगी तो दो परिवारों की सेवा करेगी इसलिए अपने बच्चों के साथ-साथ अपनी बच्चियों को भी उच्च शिक्षित करें और समाज में अग्रिम पंक्ति पर उसको स्थान दें जिससे समाज सुधार में उचित योगदान हो सके। सोनड़ी के सरपंच भारमलराम खिलेरी,बिश्नोई समाज सेवा समिति सोनड़ी के अध्यक्ष हरीराम खिलेरी, पूर्व सरपंच पेमाराम मांजू, पूर्व सरपंच सोनाराम खिलेरी, जम्भेशवर सेवक दल के अध्यक्ष मोहनलाल खिलेरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष पुरखाराम मांजू , बिश्नोई समाज सेवा समिति के कोषाध्यक्ष सुखराम खिलेरी, सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बिशनोई समाज सेवा समिति के सचिव गंगाराम सियाक एवं कोषाध्यक्ष सुखराम खिलेरी ने किया।



जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह सहित कई कार्यक्रम आयोजित हुए: श्री गुरु जंभेश्वर भगवान के 383 वें विशाल श्री गुरु जंभेश्वर मेले के अवसर पर समाज सेवा समिति सोनड़ी एवं श्री गुरु जंभेश्वर सेवक दल का खुला अधिवेशन में पंचायती राज जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह किया गया जिसमें बाड़मेर जिले के 21 सरपंच, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य,जिला परिषद सदस्यों एवं श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार, स्वर्गीय हीराराम मांजू की स्मृति में निर्मित जल मंदिर का लोकार्पण केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के कर कमलों द्वारा किया गया।



यज्ञ में उमड़े हजारों श्रद्धालु: उपखण्ड सेड़वा को खंड के निकटवर्ती विष्णु धाम सोनड़ी में आयोजित श्री गुरु जंभेश्वर मेले पर आयोजित विशाल यज्ञ में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ में आहुति देकर भगवान से सुकाल की कामना करते हुए अपने जीवन को धन्य किया एवं भगवान जांभोजी की शब्दवाणी 120 शब्दों से अमृत रुपी पाहल लेकर अपना जीवन नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।



मेले में जमकर हुई खरीदारी: सोनड़ी श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर सोनड़ी परिसर में आयोजित विशाल श्री गुरु जंभेश्वर मेले में बच्चों से लेकर बूढ़े तक माल से लेकर बैठी तक सभी ने जमकर खरीदारी की मेले में बच्चे मिठाइयों के आनंद लेते हुए दिखाई दिए साथ ही साथ बड़े बुजुर्ग किसान अपने औजार एवं आवश्यक सामग्री खरीदते हुए नजर आए महिलाएं मनिहारी एवं श्रंगार की सामग्री की जमकर खरीदारी की।



पॉलिथीन मुक्त रहा मेला परिसर: विष्णुधाम सोनड़ी में आयोजित श्री गुरु जंभेश्वर मेला पूर्ण रुप से पॉलिथीन मुक्त पर्यावरण प्रेमी बिश्नोई समाज के इस भव्य मेले में साफ सफाई एवं अनुशासन देखने लायक था पर्यावरण प्रेमी बिश्नोई समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की फिर भी पूरे मेले में कहीं भी एक ही प्लास्टिक की थैली वह कचरा कही नजर नहीं आया मेला पूर्ण रुप से स्वस्थ एवं साफ सुथरा नजर आया।

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