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आदिवासी लड़कियों से शादी करवाने को लेकर गुजरातियों से थानेदार बनकर लूटपाट करने वाला पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गिरफ्तार।

आदिवासी लड़कियों से शादी करवाने को लेकर गुजरातियों से थानेदार बनकर लूटपाट करने वाला पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गिरफ्तार। @ देवाराम सैन कोटड़ा उद...

आदिवासी लड़कियों से शादी करवाने को लेकर गुजरातियों से थानेदार बनकर लूटपाट करने वाला पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गिरफ्तार।



@ देवाराम सैन कोटड़ा
उदयपुर। जिले की कोटड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिवासी लड़कियों को गुजराती ठाकुर परिवारों से शादी करवाने के नाम पर नकली थानेदार बंद कर रूपये एठने वाला पूर्व विधानसभा प्रत्याशी को कोटड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर गोगुन्दा न्यायालय में पेश किया। थानाधिकारी रामसिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आज आदिवासी समाज की लड़कियों की खरीद - फरोख्त करने वाले सोहनलाल पिता लिंबाराम परमार पूर्व विधानसभा प्रत्याशी झाडोल, थानेदार बन कर कोटड़ा से सटे गुजरात सीमा में ठाकुर परिवारों व रईस परिवारों को आदिवासी समाज की लड़कियां बेचने सहित कई गंभीर आरोप हैं। आरोपी दरोगा सर बनकर गुजराती परिवारों को डरा धमका कर उनसे रुपए वसूलने का काम भी करता था जिस पर कोर्ट कोटड़ा पुलिस ने आरोपी को मामेर से गिरफ्तार कर गोगुन्दा न्यायालय में पेश किया जहां से उसकी समाचार अर्जी खारिज हो जाने से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वहीं पांच अन्य आरोपी फरार हैं पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।

महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान से आते है खरीददार:
लड़कियों को शादी के नाम पर खरीदने के लिए महाराष्ट्र से लेकर गुजरात के अहमदाबाद, मेहसाणा, पालनपुर, पाटण, विसनगर एवं राजस्थान में पाली, जालोर, सिरोही जिलों से खरीदने के लिए आते है। 

इन गाँवो में होती है लड़कियों की सौदेबाज़ी:
कोटड़ा क्षेत्र के बोर्डिकला, मामेर, आमली, महाद, अशावाड़ा, दोतड़, बेड़ाधर के अलावा गुजरात के सीमावर्ती खेड़वा, लीलावंटा, पढ़ारा इन गाँवो में होती है लड़कियों की खरीदारी। यहाँ इन क्षेत्रों में ओसतन प्रतिमाह 60 से 70 लड़कियों की सौदेबाजी होती है। वही दलाल द्वारा नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि अकेले गुजरात के विसनगर, मेहसाणा में 150 से अधिक लड़कियां बेच चुके है।

दलालों के मार्फ़त होता है संपर्क, मिलता है मोटा कमीशन:
गुजरात राजस्थान के अविवाहित युवकों को अपने समाज मे लड़कियां नही मिलने या लिंगानुपात की कमी के चलते ये लोग आदिवासी समाज की तरफ रुख कर रहे है। शादी के लिए बाहरी लोग स्थानीय ग्रामीण दलालों से संपर्क करके शादी योग्य युवा, लड़कियों को खरीदने के लिए यहाँ आते है जहां स्थानीय दलालों द्वारा दोनो युवाओं की जोड़ी एक दूसरे को पसंद करने के बाद 2 से 3 लाख में सौदा तय हो जाता है जहाँ दलालों को प्रति लड़की 1 लाख से 1.50 लाख तक कमीशन मिलता है। कई बार लड़की की बिना अनुमति के भी जबरन शादी करवाई जाती है।

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