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स्वीकृत कार्यो को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए: जिला कलेक्टर मीणा

स्वीकृत कार्यो को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए: जिला कलेक्टर मीणा जिला कलक्टर ने की विकास योजनाओं की समीक्षा। बाड़मेर। जिला परिषद द्वारा...

स्वीकृत कार्यो को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए: जिला कलेक्टर मीणा



जिला कलक्टर ने की विकास योजनाओं की समीक्षा।
बाड़मेर। जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को कलक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित हुई।
इस अवसर पर जिला कलक्टर मीणा ने महात्मा गांधी नरेगा योजना, सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना, सांसद एवं विधायक स्थानीय विकास कार्यक्रम, स्मार्ट विलेज तथा स्वविवेक योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं के तहत वर्षवार स्वीकृत, प्रगतिरत एवं बकाया कार्यो की संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा पश्चात् स्वीकृत कार्यो को निर्धारित समय सीमा मे पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यो की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी है उनकी शीध्र तकनीकी स्वीकृति जारी करे ताकि वितीय स्वीकृति जारी की जा सकें। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यो को कार्ययोजना बनाकर तत्परता से पूर्ण कराए ताकि लोगों को लाभ मिल सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति जारी करने से पूर्व उसकी भौतिक सम्भावना या स्थिति का भली-भांति अध्ययन कर लिया जाए क्योकि लंबे समय बाद उक्त कार्य में फीजिबिलिटी नहीं होने अथवा अन्य किसी समस्या से कार्य पूर्ण नही होने पर सम्बंधित की जिम्मेदारी निर्धारित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। 
जिला कलेक्टर ने महात्मा गांधी नरेगा योजना की प्रगति समीक्षा के दौरान श्रम नियोजन में प्रगति लाने तथा अधिकाधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में नरेगा कार्यो में मशीन का उपयोग न हो यह सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिकाधिक लोगों को रोजगार मुहैया हो सकें। जिला कलक्टर ने कहा कि कोई भी पंचायत श्रम नियोजन से वंचित नहीं रहे। साथ ही उन्होंने हर संभव औसत मजदूरी बढ़ाने के प्रयास करने निर्देश दिए। 
जिला कलक्टर ने बीएडीपी में शामिल बकाया कार्यो की वर्षवार प्रगति समीक्षा पश्चात् बकाया कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण करवाकर यूसी/सीसी भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर प्रगति वाले विभागों को फोकस करते हुए बकाया कार्यो को निर्धारित टाइम लाइन के अनुरूप हर हाल में पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। खासतौर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यो पर असंतोष जताया। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में स्वयं विजिट कर भूमिहीन पात्र परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने माह में दो बार एईएन, जेटीए, ग्राम सेवकों की बैठक लेकर बकाया कार्यो की प्रभावी मॉनिटरिंग कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। 
जिला कलक्टर मीणा ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान विकास अधिकारियों को प्रतिदिन स्वयं मॉनिटरिंग कर प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि शिकायतों का गुणवतापूर्ण निस्तारण कर परिवादी को सन्तुष्ट किया जाए। 
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में लेखाधिकारी जीयाराम चौधरी, अधीक्षण अभियंता बलवीर सिंह चौधरी समेत सभी विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बालोतरा अव्वल रहा:
विकास योजनाओं के संचालन में गत माह के दौरान जिले की बालोतरा पंचायत समिति अव्वल रही। अलग अलग विकास योजनाओ की समग्र रैंकिंग में बालोतरा प्रथम, धोरीमन्ना द्वितीय एवं सिणधरी तीसरे स्थान पर रही। वही फागलिया सबसे फिसड्डी रहा, जो अंतिम पायदान रहा।

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