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पाकिस्तान से उठे बंवडर से पश्चिमी राजस्थान में जन जीवन अस्तव्यस्त।

बालाराम मूढ़ ने बाड़मेर जिले में तूफान से हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजे की मांग उठाई। राजस्थान में पश्चिमी चक्रवात के प्रभाव से आए अंधड़, बारिश...

बालाराम मूढ़ ने बाड़मेर जिले में तूफान से हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजे की मांग उठाई।




राजस्थान में पश्चिमी चक्रवात के प्रभाव से आए अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। इसके बाद मंगलवार को मौसम विभाग की चेतावनी से अब पूर्वी राजस्थान के किसानों की भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यहां अभी भी खेतों में सरसों, गेहूं सहित अन्य फसलें तैयार खड़ी हैं, जबकि कई जगह फसलें कटने के बाद खुले में पड़ी हैं। जैसलमेर व बाड़मेर में पिछले दो दिनों से अंधड़ से तबाही मची हुई हैं।

पश्चिमी राजस्थान के अंतिम जिले बाड़मेर में सोमवार देर रात आए बवंडर ने जमकर तबाही मचाई। यहां खेतों में पड़ी फसलें तबाह हो गई। पेड़, बिजली के पोल गिर गए, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित हो गई। मौसम विभाग ने आज भी यहां तेज आंधी आने की चेतावनी जारी की है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

इससे पहले पश्चिमी राजस्थान से सटे पाकिस्तान से उठे तूफानी अंधड़ ने रविवार देर रात सीमावर्ती जैसलमेर व बाड़मेर में जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से जैसलमेर में प्रवेश करने वाले इस अंधड़ से हर तरफ धूल का साम्राज्य हो गया। तेज अंधड़ ने बाड़मेर व जैसलमेर में सबसे अधिक तबाही मचाई। कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गई तो खेत में काट कर रखी हुई उपज उड़ने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। वहीं बड़ी संख्या बिजली के पोल व पेड़ धराशायी हो गए।

भाजपा नेता बालाराम मूढ़ ने भी तूफान से किसानों के नुकसान की जानकारी देते हुए सरकार से जल्द से जल्द नुकसान का आंकलन करवाकर किसानों को राहत देने की मांग की हैं। बालाराम मूढ़ ने बताया कि बायतु क्षेत्र के गांव भीमडा, चौखला, खानजी का तला, छितर का पार, हुड्डो की ढाणी, जांगुओ की ढाणी, रेवाली, सिंगोड़िया, बाटाडू, केसुम्बला आस पास के क्षेत्र में दर्जनों गांवों में तूफानी हवाओ से एवं भयंकर आंधी व हल्की बारिश से किसानों की रबी की फसले जीरा, इसबगोल का 80 प्रतिशत नुकसान हुआ हैं। जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ने से किसान हतोसित है खेत एवं खलियानों में कटी हुई रबी की फसलें तेज हवा के झोंके से दूर - दूर तक फैल गई। जिससे किसानों को भारी मात्रा में नुकसान हुआ। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन को तुरंत प्रभाव से किसानों की सुध जल्दी लेकर व पटवारियों से रबी फसल नुकसान का आंकलन करवाकर किसानों को मुहावजा दिलाए। और प्रशासन नुकसान की रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को भेजे जिसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लाभ मिल सके। यदि समय रहते रबी की फसलों के नुकसान का आंकलन एवं उसकी भरपाई समय पर नही हुई तो किसानो के साथ कांग्रेस सरकार के खिलाफ सड़को पर उतरेंगे जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार एवं प्रशासन की होगी।

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