Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

घर में काम करने वाले के साथ प्यार में पागल पत्नी ने पति को मौत के घाट उतारा।

घर में काम करने वाले के साथ प्यार में पागल पत्नी ने पति को मौत के घाट उतारा। मृतक पति और प्रेमी के साथ बैठी हत्या करने वाली पत्नी बारां। जिल...

घर में काम करने वाले के साथ प्यार में पागल पत्नी ने पति को मौत के घाट उतारा।

मृतक पति और प्रेमी के साथ बैठी हत्या करने वाली पत्नी


बारां। जिले में नौकर के प्यार में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की तलवार और कुल्हाड़ी से वार करने के बाद हत्या कर दी। इसके बाद वह चुपचाप अपने कमरे में जाकर सो गई, ताकी मौत की वह कोई और कहानी गढ़ सके। लेकिन उसकी यह चालबाजी काम नहीं आई। खुद उसकी बेटी की एक चिट्‌ठी ने मामले का खुलासा कर दिया।
SP विनीत कुमार बंसल ने बताया कि आखाखेड़ी गांव के मीणा मोहल्ला निवासी प्रेमनारायण मीणा (45) की हत्या की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो प्रेमनारायण का लहूलुहान शव पड़ा था। FSL टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर जांच करवाई गई। मृतक की बेटी ने अपनी मां के चरित्र को लेकर पिता को चिट्‌ठी लिखी थी। वह चिट्‌ठी पुलिस के हाथ लगी। पुलिस ने मृतक की पत्नी रुक्मणीबाई (40), उसके नौकर जितेंद्र बैरवा (32) व उसके साथी हंसराज भील (31) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने गुनाह कबूल लिया है। मृतक मध्यप्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ के सरकारी स्कूल में शिक्षक था, जो छुट्‌टी में गांव आया था।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात जितेंद्र बैरवा व हंसराज भील हथियार लेकर प्रेमनारायण के मकान के पीछे आए। यहां प्रेमनारायण की पत्नी रुक्मणीबाई ने मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे की पीछे वाली खिड़की से रस्सा नीचे लटकाकर जितेंद्र बैरवा व हंसराज को मकान में दाखिल करवाया। इसके बाद देर रात तीनों ने मकान के बरामदे में सो रहे प्रेमनारायण के चेहरे व गर्दन पर तलवार व कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी नृशंस हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों उसी रस्सी के सहारे मौके से फरार हो गए। किसी को शक न हो, इसके लिए मृतक की पत्नी रुक्मणीबाई घर पर ही मौजूद रही। वह अपने कमरे में जाकर सो गई।
प्रेमनारायण मकान के आंगन में सोया हुआ था। रात तो उसकी पत्नी ने बेटे व बेटी को उनके कमरों में भेज दिया और बाहर से कुंडी लगा दी। रात को बेटा उठा भी, लेकिन बाहर से कुंडी लगी होने से वापस सो गया। उधर, रात करीब 1 बजे के आसपास वारदात को अंजाम देने के बाद रुक्मणीबाई खुद के कमरे का दरवाजा खोलकर सो गई। इस दौरान मकान के मुख्यद्वार की कुंडी अंदर से नहीं लगाई। सुबह उसका भतीजा रोज की तरह दूध लेने आया तो सामने प्रेमनारायण का लहूलुहान शव देखकर चीखने लगा। इस पर रुक्मणी भी वहां पहुंची और रोने लगी।
घर में काम करने वाले के मालकिन से अवैध संबंध बने, पति आड़े आया तो रचा हत्या का षड्यंत्र रचा। एसपी ने बताया कि प्रेमनारायण व उसकी पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं थे। प्रेमनारायण ने घरेलू कामकाज के लिए छीपाबड़ौद के परौलिया निवासी जितेंद्र बैरवा को 65 हजार रुपए सालाना में नौकर रखा था, जो पिछले दो साल से प्रेमनारायण के घर पर काम कर रहा था। प्रेमनारायण की गैर मौजूदगी में उसकी पत्नी व जितेंद्र बैरवा के बीच प्रेम संबंध बन गए। मृतक की पत्नी व जितेंद्र बैरवा के अवैध संबंधो के बीच प्रेमनारायण रोड़ा बन रहा था। इसलिए दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। इसमें मृतक की पत्नी व जितेंद्र बैरवा ने हंसराज भील निवासी रतनपुरा को हत्या में सहयोग के लिए बीस हजार रुपए में राजी कर घटना को अंजाम देने का षड्यंत्र रचा।
डीएसपी ओमेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मृतक के दो बेटियां व एक बेटा है। मृतक की बड़ी बेटी की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। इससे पहले बड़ी बेटी ने उसके पिता के नाम पर एक चिट्ठी लिखी थी। इसमें उसने लिखा कि वह मम्मी को बदनाम नहीं करना चाहती है। इस नौकर को उसे अपने यहां पर नहीं रखना चाहिए। यह चिट्ठी उसके दूसरे बच्चों के हाथ लग गई, तो उन्होंने छिपा ली। यह चिट्ठी शुक्रवार को पुलिस को मृतक के बच्चों ने सौंपी। इस पर पुलिस ने चिट्ठी के आधार पर तथा वारदात से जुडे़ अन्य पहलुओं पर तफ्तीश करते हुए जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने जांच के दौरान गहनता से तथ्यों को खंगाला तो धीरे-धीरे घटना से जुड़े राज सामने आते गए और बाद में पूरा मामला खुल गया।

कोई टिप्पणी नहीं