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एक सिंगर की बातों के तीर ने एक मजदुर को बनाया राजस्थान म्यूज़िक इंडस्ट्री का बादशाह।

एक सिंगर की बातों के तीर ने एक मजदुर को बनाया राजस्थान म्यूज़िक इंडस्ट्री का बादशाह। यह बात है 2009 की, एक साधारण परिवार से तालुक रखने वाला ...

एक सिंगर की बातों के तीर ने एक मजदुर को बनाया राजस्थान म्यूज़िक इंडस्ट्री का बादशाह।



यह बात है 2009 की, एक साधारण परिवार से तालुक रखने वाला सुरेश चौधरी अपनी खुली आँखो से अपने भविष्य के सपने देख रहा था, सपने भी ऐसे जिनकी कल्पना मात्र भी असम्भव थी, सोते - सोते सोचता कि एक दिन में भी स्टार बनूँगा, सपने की वजह से ठीक से सो भी नहीं पाता और अगले दिन वही जल्दी उठना और मम्मी की आवाज़ - बेटा काम पर नही जाना क्या, अपने पापा की 12वीं में स्कूल जाने के लिए दिलवाई हुई साईकल जो काफ़ी पुरानी हो चुकी थी, उसे लेकर अपने कार्य मे काम आने वाले औजारों से भरा बैग उठाए चल पड़ता, किसी के घर पर कोई तार ठीक करना किसी के घर स्विच बदलना, रोज़ का यही काम था, शाम होते - होते 100 रुपए कमा लेता तो ख़ुशी के ठिकाने नहीं, धीरे - धीरे काम बढ़ने लगा कुछ बड़ा काम भी मिलने लगा कुल मिलाकर कुछ 250 रुपए कमाने लगा था। कुछ पैसे जोड़े और एक छोटा सा कैमरा लिया, अकेले में ऐक्टिंग करता विडीओ बनाता ओर डिलीट कर देता, क्योंकि साधारण परिवार में इन सबके लिए कोई अनुमति नहीं थी, फिर एक दिन कही से एक बड़े सिंगर के नम्बर ढूँढे, सोचा किसी बड़े आदमी के साथ काम करूँगा तो शायद घर वाले मान जाए, 
पर जब फ़ोन किया तो आगे से बोलने वाले शब्दो ने सुरेश चौधरी को अंदर तक हिला दिया और हौसला टूटा वो अलग, एक्टर बनने की आस छोड़ फ़ोटोग्राफ़ में अपना मन लगाने लगे और कुछ ही वक़्त में अपने आसपास के गाँवों में सबसे अच्छे और बेहतरीन फ़ोटोग्राफ़र बन गये, उनकी डिमांड इतनी बढ़ गयी की लोगों को अपने बच्चों की ज़िद पर ऑर्डर सुरेश चौधरी को देने पड़ते, कुछ अच्छे पैसे कमाए तो कुछ पैसे उधार लेकर अपने गाँव में ड्रोन ओर सबसे महँगा कैमरा ख़रीद लिया, शादी में फ़्री वक़्त जब फ़ोटोग्राफर आराम करते उस वक्त चौधरी अपने केमरे से टेंट घर और आसपास के पेड़ आदि की फ़ोटो लेते, साथ वाले सोचते पागल हैं, लेकिन जब वही फ़ोटोग्राफ़ जब वो लोग देखते तो तारीफ़ करने लगते चौधरी का हौसला बढ़ता पर उस सिंगर की बात अब तक उनके कानो में गूंजती रहती।  
कुछ वक़्त के लिए चौधरी को फोटोग्राफी (Photography) कोर्स करने की बात मन में आई, और चले गये दिल्ली। लेकिन दिल्ली में भी मन नहीं लगने से कोर्स बीच में छोड़ वापिस गांव आ गये, वापिस आने के बाद उनको ICICI RSETI जो कि फ़्री में वीडियोग्राफी का कोर्स करवाती हैं उसमें सीखने चले गये वहाँ उनकी फ़ोटोग्राफ़ देख उनके शिक्षक भी हैरान रह गये ओर उन्हें जॉब ऑफ़र कर दी, वही सुरेश चौधरी अब बच्चों को कोर्स करवाने लगे। 2 वर्ष बाद चौधरी ने जॉब छोड़ दी, उनको जानने वाले किसी पत्रकार ने इस बात को न्यूज़ में छाप दिया, घर से उनको नौकरी छोड़ने की फटकार लगी ओर लोगों के ताने सुनने पड़े, लोगों ने बातें बनानी शुरू कर दी - नौकरी से निकाल दिया होगा बाक़ी इतनी अच्छी नौकरी कोण छोड़े हैं। 

अपने एक किराए के कमरे में बैठें - बैठें सोचते रहते, रिश्ते में एक सिंगर थे उन तक बात पहुंचाही तो उन्होंने एक एडिटर  से मिलाया, चौधरी उनके साथ काम करने लगे, 1 छोटे से रोल के लिए दिन भर प्रतीक्षा करना, 1 दिन उन्होंने एक गाना बनाया और उस पर भरोसा कर राजकोट के एक प्रोड्यूसर ने उन पर एक गाना बनाने का काम सौप दिया।
चौधरी ने अपनी पूरी लगन के साथ उस गाने पर पूरी मेहनत की, मेहनत रंग लाई और 2017 का एकमात्र गाना सतरंगी लहरिया जो हर DJ पर बजा, कुछ ही महीनो में वह गाना 10 करोड़ पार कर गया, और वही सिंगर जिसने एक दिन सुरेश चौधरी को ताना मारा था चौधरी के पिताजी के साथ फ़ोटो लेकर पोस्ट की बोला वाक्य में हमें आपके बेटे पर गर्व है, आज सुरेश चौधरी के हज़ारों गाने राजस्थान की भाषा लोक लज्जा को क़ायम रखते हुए राजस्थानी को आगे बढ़ा रहे है। 

तो यह कहानी है राजस्थान के जोधपुर जिले के छोटे से गांव आसोप में साधारण से घर की। जब बारिश आती थी तो उनकी दादी तिरपाल से रसोई की कची छत को ढका करती थी ओर उनकी माँ नीचे खाना बनाया करती थी.... । सुरेश चौधरी को आज भी वो सब कुछ याद है बात करते करते उनकी आँखें भर आती हैं, में भी अपनी पेन डायरी समेट घर को निकल गया लेकिन वो यादें मेरे दिल में सब कुछ बयां कर गयी, और भी बहुत कुछ है लेकिन फिर कभी .....!

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