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कर्तव्यारूढ़ हो आगे बढ़े: कमलसिंह चुली

कर्तव्यारूढ़ हो आगे बढ़े: कमलसिंह चुली बाड़मेर। श्री क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक पूज्य तनसिंह ने हमें एक जीवन दर्शन दिया है जिससे हम अपने जीव...

कर्तव्यारूढ़ हो आगे बढ़े: कमलसिंह चुली



बाड़मेर। श्री क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक पूज्य तनसिंह ने हमें एक जीवन दर्शन दिया है जिससे हम अपने जीवन को सफल बना सकते है धर्म ग्रँथ चाहे गीता हो या बाईबल हमें परिश्रम करने का संदेश देते है। यही बात क्षत्रिय युवक संघ भी कहता है पुरुषार्थ द्वारा अपने कर्तव्य का निर्वहन करें और कर्तव्यारूढ़ हो जीवन मे आगे बढ़े कर्तव्य प्राप्ति में ही अधिकार प्राप्ति निहित है।

क्षात्र धर्म का पालन भी कर्तव्य पालन ही है अतः श्री क्षत्रिय युवक संघ का जीवन दर्शन ईश्वरीय मार्ग है इस पर आगे बढ़ने में ही हमारा कल्याण निहित है यह बात कमलसिंह चुली ने संघ के तीर्थ दर्शन  कार्यक्रम में कही।

इस अवसर पर संघ के देवीसिंह माडपुरा ने कहा कि संघ के प्रथम शिविर की टटोलते हुए बताया कि संघ के प्रथम बौद्धिक में नारायण सिंह हुडिल ने कहा था कि जिस प्रकार कसेरे द्वारा बनाये प्रत्येक बर्तन का हेतु है कुम्हार द्वारा बनाये प्रत्येक पात्र का हेतु है वो हम ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है हमें अकारण इस संसार में ईश्वर ने नही भेजा है अर्थात हमारे यहां आने का कारण ईश्वर ने निर्धारित कर रखा है इसी निर्धारित कारण क्षात्र धर्म का पालन करना मात्र हमारा उद्देश्य है आज ढाल तलवार या युद्ध के मैदान में क्षत्रियत्व नही दिखाना है युद्ध के भीतर तम से द्वंद कर क्षत्रिय बनना है और ईश्वरीय आदेश की पालना करनी है।

संघ के सँभाग प्रमुख कृष्ण सिंह राणीगांव ने संघ की हीरक जयंती व वर्षभर होने वाले आयोजनों व हम किस प्रकार से संघ सापेक्ष जीवन जी सकते है पूज्य तनसिंह जी व संघ के कार्यक्रमों में सहयोगी बन सकते है घर पर ध्वजा लगाकर प्रारंभ करें जीवन व घर मे संघ का प्रवेश होना प्रारंभ हो जाएगा। जो प्रारंभ हुआ है उसका नाश कभी नही होगा हमारा जीवन सफल बनेगा।

संघ तीर्थदर्शन कार्यक्रम का श्रीगणेश भाप तलाब से क्यों किया गया ये बताते हुए कहा कि यह वही स्थान है जहाँ श्री क्षत्रिय युवक संघ का चौथा ओर बाड़मेर का प्रथम शिविर लगा यही संघ के द्वितीय संघ प्रमुख आयुवान सिंह हुडिल ने सांघिक जीवन का श्रीगणेश किया अतः इस स्थान का महत्व है यह किसी भी तीर्थस्थल से कम नही है।

दीप सिंह रणधा ने अपने ही सपनो का बना रे सिपाही ओर बाड़मेर प्रांत प्रमुख महिपाल सिंह चुली ने राही जब से आया तेरी नगरिया सहगीत गाया।

इस अवसर पर वीर सिंह शिवकर, प्रकाश सिंह भुरटिया, कमलसिंह राणीगांव, राजेन्द्र सिंह भिंयाड़, स्वरूप सिंह खारा, मांगूसिंह बिशाला, जेतमाल सिंह बिशाला, गुलाब सिंह कोटड़ा, धूड़ सिंह, मलसिंह उण्डखा, सहित जिलेभर से 500 से अधिक  स्वंयसेवक उपस्थित रहे। इस अवसर पर बांदरा निवासियों द्वारा स्नेहभोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नरपतसिंह चिराणा के नेतृत्व में यज्ञ कर की गई।

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