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मंगल का कर्क राशि में गोचर, जाने पूरी जानकारी..!

मंगल का कर्क राशि में गोचर, जाने पूरी जानकारी..! @ डॉ. आलोक व्यास वैदिक ज्योतिष में मंगल एक महत्वपूर्ण ग्रह है जो कि जातक के साहस, ऊर्जा, नि...

मंगल का कर्क राशि में गोचर, जाने पूरी जानकारी..!




@ डॉ. आलोक व्यास

वैदिक ज्योतिष में मंगल एक महत्वपूर्ण ग्रह है जो कि जातक के साहस, ऊर्जा, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मबल का निर्धारण करता है। यह ग्रह भूमि, वाहन, मशीनों और ऊर्जा  उपकरणों का द्योतक होता है और साथ ही मनुष्य के शरीर मे खून, हड्डियों, चोट, ऑपरेशन का कारक होता है। मंगल प्रबल होने पर व्यक्ति की ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में और दुर्बल होने पर नकारात्मक कार्यों में परिसंचरण करती है। राशि चक्र में मंगल मेष और वैश्चिक राशि व तीन नक्षत्रों ( मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा) का अधिपति होता है। मकर इसकी उच्च राशि और कर्क नीच राशि होती है।
दिनांक 2 जून 2021 को सुबह 6:39 बजे मंगल मिथुन राशि से कर्क राशि मे प्रवेश करेगा और करीब 49 दिनों के पश्चात दिनांक 20 जुलाई 2021 की शाम 5:30 अपनी अगली राशि सिंह में प्रवेश करेगा। मंगल का कर्क राशि मे गोचर तीन नक्षत्रों पर क्रमशः पुनर्वसु, पुष्य और अश्लेषा पर होता है जिसमें पुनर्वसु में उत्तम, पुष्य में मध्यम एवं अश्लेषा में निम्न फलदायक होता है।


मंगल का कर्क राशि में गोचर 12 राशियों में निम्नलिखित प्रभावित करेगा:

  • मेष  माता या मातृस्थान से लाभ, नव निर्माण या मकान में सुधार व घरेलू कार्यो।
  • वृषभ साहसिक कार्य अथवा निर्णय, कम दूरी की यात्रा, छोटे भाई या बहनों का सहयोग या उनकी चिंता, विक्रय या संचार सम्बधी कार्य।
  • मिथुन परिवार सम्बधी कार्य या पारिवारिक चिंता, भोजन अथवा वाणी दोष, स्थायी सम्पति का निर्माण।
  • कर्क मानसिक चिंता या आत्म चिंतन की और झुकाव, शारीरिक विकार से मुक्ति के  प्रयास, क्रोध अथवा सिर में चोट की सम्भवना।
  • सिंह व्यय अथवा हानि में बढ़ोतरी, दूर देश की यात्रा, जेल या अस्पताल के चक्कर। 
  • कन्या आय या समाजिक सम्पर्क में वृद्धि, बड़े भाई या बहन से लाभ, नौकरी में लाभ।
  • तुला पिता या नौकरी से लाभ, समाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि, रोजगार हेतु प्रयास, राजकीय सम्पर्क।
  • वैश्चिक उच्च अध्ययन, लंबी दूरी की यात्रा, धार्मिक अनुष्ठान या यात्रा, गुरु का आशीर्वाद, प्रबल भाग्य।
  • धनु समाजिक प्रतिष्ठा में कमी, भय अथवा निराशा, गुप्त ज्ञान, पाताल में लाभ, तांत्रिक क्रिया।
  • मकर पत्नी या मित्र से सहयोग या लाभ, व्यापार में वृद्धि, जलीय यात्रा, विवाह या सगाई।
  • कुंभ कानूनी कार्यवाही, झगड़ा फसाद, सम्बंध विच्छेद, ननिहाल से लाभ,स्वाथ्य सम्बंधित विकार, दैनिक कार्य मे गतिरोध।
  • मीन शेयर मार्केट में लाभ, संतान सुख, रचनात्मक कार्ये, प्रेम सबंध।

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