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हाईकोर्ट पहुंचा कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला: एनकाउंटर नहीं हत्या है यह, सीबीआई से कराई जाए जांच, नोटिस जारी।

हाईकोर्ट पहुंचा कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला: एनकाउंटर नहीं हत्या है यह, सीबीआई से कराई जाए जांच, नोटिस जारी। जोधपुर, 20 मई। बाड़मेर का बहुच...

हाईकोर्ट पहुंचा कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला: एनकाउंटर नहीं हत्या है यह, सीबीआई से कराई जाए जांच, नोटिस जारी।




जोधपुर, 20 मई। बाड़मेर का बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर का मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है। कमलेश के परिजनों की ओर से पेश याचिका में इस एनकाउंटर को सुनियोजित हत्या बताते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया गया है। साथ ही इस मामले में पांच करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग करते हुए पूरी राशि बाड़मेर पुलिस अधीक्षक, उप अधीक्षक सहित 24 अन्य पुलिसकर्मियों से वसूल कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की गई है। राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश विनीत माथुर की कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 9 जुलाई को होगी। 
बाड़मेर में 23 अप्रैल 2021 को एक कमलेश प्रजापत को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। अब उसके परिजनों की तरफ से इस बारे में याचिका पेश की गई है। अधिवक्ता धीरेन्द्र सिंह दासपा ने हाईकोर्ट में बताया कि यह बिलकुल साफ तौर पर हत्या का मामला है। पुलिस जिसे मुठभेड़ करार दे रही है वह वास्तव में हुई ही नहीं। गोली लगने के दौरान कमलेश के पास कोई हथियार भी बरामद नहीं हुआ। कमलेश को बहुत निकट से सीने में गोली मारी गई। जबकि पुलिस चाहती तो उसे पकड़ सकती थी। वहीं सीसीटीवी फुटेज में साफ है कि पुलिस ने गोली चलाना दर्शाने के लिए कमलेश के वाहन के कांच पर लाठी मारी। वहीं पुलिस ने अपने वाहन के बोनट पर भी लाठियां बरसाई ताकि संघर्ष दर्शाया जा सके। घटनाक्रम के वीडियो से स्पष्ट है कि यह मुठभेड़ नहीं बल्कि हत्या है। याचिका में मांग की गई है। कि पुलिस की ओर से जब्त किए गए कमलेश के 14 मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स उपलब्ध कराई जाए। इससे खुलासा हो सकेगा कि उसकी किन लोगों से बातचीत हुई। इसके बाद घटनाक्रम बदल गया। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विशेषज्ञों के माध्यम से नए सिरे से जांच कराई जाए। याचिका में दावा किया गया है कि कमलेश के घर से बरामद पचास लाख रुपए का हिसाब उसकी बैलेंस शीट में है। वहां से बरामद सभी वाहनों के टाइटल भी स्पष्ट है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में बाड़मेर एसपी सहित 24 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू करनी चाहिये। साथ ही पांच करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा गया है। मुआवजे की राशि पुलिसकर्मियों से व्यक्तिगत रूप से वसूले जाने का आग्रह किया गया है।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उल्लेखनीय है कि बाड़मेर में 22 अप्रैल की रात तस्कर कमलेश प्रजापत का पुलिस द्वारा एनकाउंटर किया गया था। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस एनकाउंटर पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एनकाउंटर से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद एनकाउंटर सवालों के घेरे में आ गया है। अब कमलेश प्रजापति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद संदेह का घेरा और बढ़ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, तस्कर कमलेश को 4 गोली लगी थी। चारों गोली लेफ्ट साइड से लगी थी। एक भी गोली पांव पर नहीं लगी है। चारों गोली कमर और कमर से ऊपर लगी है। पुलिस की बताई कहानी की पोल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी है।

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