Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

बापू, बेटा गुड़ बहुत खाता है...[इस पोस्ट को पचपदरा विधायक की ओर से टीवी चैनल को दिए बयां के संदर्भ में पढ़े]

बापू, बेटा गुड़ बहुत खाता है... [इस पोस्ट को पचपदरा विधायक की ओर से टीवी चैनल को दिए बयां के संदर्भ में पढ़े] राजस्थान की राजनीति में सरहदी बा...

बापू, बेटा गुड़ बहुत खाता है...
[इस पोस्ट को पचपदरा विधायक की ओर से टीवी चैनल को दिए बयां के संदर्भ में पढ़े]




राजस्थान की राजनीति में सरहदी बाड़मेर से उठे तुफान की खबरें अब तक आपके सामने सभी न्यूज चैनल ने परोस दी होगी। फिर भी आप इस पोस्ट को जरूर पढ़े। 
गुडामालानी विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी ने, आज अपनी विधानसभा से इस्तीफा भेज असंतोष की आग को हवा दे दी है। अब इसी हंगामें के बीच बयानबाजी भी शुरू हो गई है। चौधरी के इस्तीफे को लेकर चर्चा बाद में करूंगा लेकिन पहले यहां चर्चा पचपदरा विधायक मदन प्रजापत के बयानों पर करूंगा। लेकिन उससे पहले ये कहानी सुनिए- 
"एक महिला बापू यानी गांधी जी के पास अपने पुत्र को लेकर गई। महिला ने बापू से कहा कि मैं परेशान हो गई हूं, इसके गुड़ खाने की आदत से। इतना गुड़ खाएगा तो कल इसके शरीर को नुकसान करेगा। महिला की बात को बापू ने बड़े शांत होकर सुना। खामोश थे तो महिला ने फिर कहा, बापू आप इसे समझाइए न कि इतना गुड़ न खाएं। कुछ देर शांत रहने के बाद बापू ने कहा कि ठीक है, तुम बच्चे को लेकर अगले सप्ताह मेरे पास आना। महिला कुछ समझ नहीं पाई लेकिन उस वक्त आश्रम से चली गई। सप्ताहभर बाद वो महिला फिर अपने बच्चे को लेकर बापू के आश्रम में पहुंची। उसी बात को फिर दोहराया। जवाब में बापू ने बच्चे के सिर पर हाथ रखा और बोला कि बेटे किसी भी वस्तु की अधिकता नुकसान देती है। गुड़ को अत्यधिक मात्रा में खाना बंद करो।
महिला बच्चे को लेकर चली गई लेकिन कुछ दिनों बाद खुशी-खुशी आश्रम पहुंची और बापू से बोली बापू बच्चे ने गुड़ खाना बंद कर दिया है। 
अब असली मुद्दे पर आते है। जिसके संदर्भ में मैंने आपको ये कहानी सुनाई। विधायक मदन प्रजापत का कहना है कि जिले के प्रशासनिक अधिकारी केवल राजस्व मंत्री की सुनते है और उन्हें अनदेखा करते है। यदि उनका ये बयान है तो उन्हें अपनी काबिलियत पर खुद से सवाल करने चाहिए। कोई आपकी बात सुने, समझे और उसे माने इसके लिए बेहद जरूरी है कि आपका किरदार इस लायक हो कि आपको सुना जाए। उस बच्चे को मां ने बहुत समझाया लेकिन उसने गुड़ खाना बंद नहीं किया। लेकिन बापू के किरदार में वो दम था कि न सिर्फ बच्चे ने उनको सुना बल्कि उनकी बात पर अमल भी किया। बच्चे को लेकर चिंतित मां भी प्रशन्न हुई। 
राजनीति में केवल चर्चा में बने रहने के लिए बयान दे देना आपकी राजनीति को सार्थक नहीं करता। बल्कि मदन प्रजापत का ये बयान उनके तमाम मतदाताओं के हौंसलों को पस्त करने वाला बयां है। जिसे जनता ने चुना यदि वो सार्वजनिक ये बयान देते है कि उनकी सुनते नहीं तो, जनता स्वयं कमजोर हो जाती है कि, अब जब हमारे नेता की ही नहीं सुनी जा रही तो हमारी कौन सुनेगा?
हरीश चौधरी आपको साथ लेकर नहीं चलते या किसी के बढ़ते कद से आप परेशान है, ये पब्लिक है सब जानती है। किसी लकीर को मिटा कर नहीं बल्कि उससे बड़ी लकीर खींच पाओं तो आपकी जीत है। किसी को गिरा कर मैं आगे बढ़ जाऊं तो यकीन मानिए आपकी दौड़ मंजिल कभी नहीं पा सकती। आप अपने किरदार को इस काबिल बनाने की दिशा में काम तो करिये। 


इसी पोस्ट के साथ मैं एक वीडियो लिकं साझा कर रहा हूं- 


कुछ समय पहले [20/अक्टूबर/2020] आपकी विधानसभा में मेरा जाना हुआ था। आपकी जनता ने जो कहा वो हमने हूबहू दिखाया था। आपको चुनने वाली जनता आप से खुश नहीं और आप दोष दुसरों को दे रहे है।   
अपराधियों के खिलाफ पुलिस एक्शन करे तो आप उनके एक्शन पर सवाल खड़े करते है। लोगों को आप लामबंद करने की कोशिश करते है जबकि आपकी विधानसभा में कोविड से परेशान लोग उम्मीद से आपकी तरफ देखते हैं। यहां सवाल आपकी नहीं सुनने और उनकी सुनने का नहीं है। सवाल अपने किरदार को निखारने का है। पहले प्रयास उस दिशा में होना चाहिए। बाकी बातें बेमानी है।  

जय हिंद।
- निखिल व्यास

कोई टिप्पणी नहीं