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हनी ट्रैप कांड में शातिर लड़की फोन पर बातें कर लोगों को फंसाती थी, पैसों के लिए हुई परेशान तो लुटेरे पति पत्नी से मिली।

हनी ट्रैप कांड में शातिर लड़की फोन पर बातें कर लोगों को फंसाती थी, पैसों के लिए हुई परेशान तो लुटेरे पति पत्नी से मिली। पाली में पति-पत्नी द...

हनी ट्रैप कांड में शातिर लड़की फोन पर बातें कर लोगों को फंसाती थी, पैसों के लिए हुई परेशान तो लुटेरे पति पत्नी से मिली।



पाली में पति-पत्नी द्वारा हनी ट्रैप के मामले में अब गैंग की तीसरी महिला को पुलिस ने पकड़ा है, जो दिल्ली की रहने वाली है। युवती शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों मीठी-मीठी बातें कर अपने जाल में फंसा चुकी है। युवती का नाम श्वेता उर्फ शीतल है। उसने जिससे शादी की थी वो 4 साल से जेल में है। वहीं, पैसों की तंगी से परेशान श्वेता ने रमेश चौधरी और भावना की हनी ट्रैप गैंग को जॉइन कर लिया।

नई दिल्ली के कटरा, गोकुलशाह सीताराम बाजार निवासी 35 वर्षीय श्वेता उर्फ शीतल की शादी पंकज शर्मा से हुई थी। किसी मामले में पंकज को जेल हो गई। पिछले चार साल से ज्यादा समय से वह जेल में है। पिता की मौत हो चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के कारण श्वेता वृद्ध मां पर बोझ नहीं बनना चाहती थी, इसलिए काम ढूंढने लगी। इस दौरान स्पा सेंटर से जुड़ गई। करीब 2 साल पहले श्वेता दिल्ली से राजस्थान आई। उसने कुम्भलगढ़, पाली, जालोर व बाड़मेर के स्पा सेंटर में भी काम किया।



गणेश व श्वेता स्प्रा में साथ करते थे काम, उसी ने भावना से मिलाया।
हनी ट्रैप प्रकरण से जुड़ा गणेश देवासी पाली शहर के एक स्पा सेंटर में मैनेजर का काम देखता था। उसी स्पा में श्वेता भी काम करती थी। गणेश ने बाद में स्पा छोड़ दिया। जो रमेश चौधरी के गिरोह से जुड़ गया। गणेश ने ही श्वेता को भावना से मिलवाया। एक से ज्यादा लोगों को फंसाना होता था तो वह श्वेता को बुला लेते थे। श्वेता का काम भी फोन पर लोगों से मीठी-मीठी बातें कर उन्हें घर तक लाने का रहता था। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया कि श्वेता इस गिरोह के साथ शामिल रही है।

दिल्ली भागने की तैयारी में थी पकड़ी गई
पाली में स्पा में काम करने के दौरान श्वेता भावना के साथ उसके घर पर ही रहती थी। भावना के पकड़ने जाने से पहले ही वह बाड़मेर जा चुकी थी। उसे भावना व दिव्या के पकड़े जाने की जानकारी मिली तो जालोर चली गई। वहां से वह दिल्ली भागने की तैयारी थी। कोतवाल गौतम जैन की टीम उसे पकड़कर पाली लेकर आई।



गैंग के इन शेष आरोपियों की तलाश
मामले की जांच कर रहे अत्याचार निवारण सेल के डीएसपी ओमप्रकाश सोलंकी ने बताया कि अब भी इस प्रकरण में आरोपी नारलाई निवासी रमेश (24), उसकी कथित पत्नी भावना (24) व दिव्या (27) व दिल्ली निवासी (35) श्वेता उर्फ शीतल को गिरफ्तार किया जा चुका हैं। मामले में बाबूलाल मेघवाल, गणेश देवासी, मोहम्मद रफीक आदि फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

ऐसे लोगों को फंसाता था गिरोह
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का सरगना राकेश पहले रसूकदार लोगों के फोन नंबर पता करता था। इसके बाद गिरोह में शामिल महिलाएं उनसे दोस्ती कर लेती थीं। मीठी-मीठी बातें कर उन्हें घर तक बुला लेती थी। पीड़ित जैसे ही महिला के घर पहुंचा। शातिर महिलाएं और युवती उन्हें कमरे में अकेले में ले जाती थी। कमरे में जाते ही रमेश अपने साथियों के साथ आ धमकता था। पीड़ित के वीडियो बना लेता था। मारपीट कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। परेशान पीड़ित बदनामी के डर से गैंग के लोगों को रुपए देते थे।

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