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मरू गंगा लूणी पाली जोधपुर के मैले से हुई प्रदूषित : पाली और जोधपुर की फैक्ट्रियों से छोड़ा रासायनिक पानी पहुंचा बाड़मेर।

मरू गंगा लूणी पाली जोधपुर के मैले से हुई प्रदूषित : पाली और जोधपुर की फैक्ट्रियों से छोड़ा रासायनिक पानी पहुंचा बाड़मेर। @ राजेश भाटी बाड़मेर/स...

मरू गंगा लूणी पाली जोधपुर के मैले से हुई प्रदूषित : पाली और जोधपुर की फैक्ट्रियों से छोड़ा रासायनिक पानी पहुंचा बाड़मेर।




@ राजेश भाटी
बाड़मेर/समदड़ी राजस्थान के कई जिलो में अच्छी बरसात है और कुछ जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं, लेकिन बाड़मेर में अभी भी बारिश का इंतजार है। वहीं लूणी नदी में पानी आया जरूर है लेकिन यह पानी बरसात का नहीं है पाली और जोधपुर की फैक्ट्रियों से निकलने वाला दूषित पानी है। जो बाड़मेर की सीमा रामपुरा से होते कोटड़ी अजीत तक पहुंच गया है।
दूषित पानी लूणी नदी से बाड़मेर पहुंचने पर किसान चितिंत हैं। किसानों की मांग है कि सरकार रासायनिक पानी को बंद करे नहीं तो किसान विरोध प्रदर्शन करेंगे। फोटो में देखिए लूणी में पहुंचा दूषित पानी प्रदूषण निवारण व पर्यावरण संरक्षण समिति के बैनर तले किसानों ने लूनी नदी में पाली की फैक्ट्रियों से आ रहे प्रदूषित पानी को रोकने के लिए जागरूकता रैली निकाली। यह रैली समदड़ी से लेकर तिलवाड़ा तक निकाली गई।



किसानों की फसलों का नुकसान

बाड़मेर जिले की मरूगंगा नाम से विख्यात लूणी में पिछले एक दशक से पाली जिले की फैक्ट्रियों से नेहड़ा बांध में इकट्ठा रसायनिक युक्त पानी व जोधपुर की जोजरी नदी में एकत्रित दूषित पानी मानसून से पूर्व लूणी में छोड़ने के कारण नदी की तट पर किसानों की खेती को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, करीब 100 से अधिक छोटे-बड़े कस्बे प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन इसका स्थाई समाधान नहीं हो रहा है और इससे भूमि बंजर हो रही है। कृषि कुओं में रिचाव के कारण पीने योग्य पानी भी पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। इस प्रदूषित पानी को पीने से सैकड़ों मवेशियों की हर वर्ष मौत हो रही है।
समिति अध्यक्ष तुलसाराम चौधरी ने बताया कि मरू गंगा लूणी नदी में पाली, जोधपुर से रासायनिक प्रदूषण की आवक को बंद करवा कर किसानों को राहत दिलाने की जरूरत है। पाली व जोधपुर में संचालित अवैध इकाइयां समदड़ी तहसील क्षेत्र के किसानों की रोजी रोटी छीन रही है। लूणी नदी में प्रदूषित पानी को रोका नहीं गया तो किसान आंदोलन करेंगे।

हर वर्ष बारिश के मौसम आता है दूषित पानी

हर वर्ष बारिश के मौसम में लूणी नदी में टेक्सटाइल इकाइयों से निकलने वाले घातक रासायनिक प्रदूषित पानी की आवक होती है। रासायनिक प्रदूषण से लूणी नदी का उपजाऊपन खत्म हो रहा हैं। इस कारण नदी के किनारों पर स्थित खेत बंजर हो रहे हैं और किसान बेरोजगार हो रहे हैं। ​​​​​​​

बीते कई वर्षो से लगा रहे गुहार

पिछले कई वर्षों से किसान प्रशासन से गुहार लगा रहे है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। लूणी नदी में रासायनिक प्रदूषण की आवक को बंद करें। यह प्रदूषित पानी को जमीन भी सूखती नहीं है। यह पानी लूणी नदी में पड़ा रहता है और बरसात ज्यादा होने या लूणी नदी में पानी ज्यादा के बाद बरसाती पानी के साथ यह दूषित पानी खेतों में चला जाता है तब यह पानी आगे से आगे बढ़ता जाता है इससे किसानों की जमीन का उपजाऊपन खत्म हो रहा है।

अजीत के नजदीक पहुंचा पानी

पाली और जोधपुर जिले में चल रही फैक्ट्रियों से छोड़ा गया रसायनिक पानी का वेग इतना तेज है कि धुंधाड़ा होते हुए कुछ ही दिनों में बाड़मेर जिले की सीमा में प्रवेश हो गया। यह दूषित पानी रामपुरा से होते हुए कोटड़ी अजीत तक पहुंच गया। कुछ दिनों बाद समदडी पहुंचने की संभावना है।
रसायनिक केमिकल युक्त पानी के आने से छोटे-छोटे गांवो और कस्बो का सम्पर्क टूट जाता है इससे लोगों को आवागमन के लिए लम्बी दूरी तय करनी पड़ती है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को बताते के बावजूद भी इसका स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।

गड्ढे में महीनों तक जमा रहता पानी

लूणी नदी के आसपास अवैध खनन होने के कारण बड़े- बड़े गड्ढे हो गए हैं। इन गड्‌डो के अंदर प्रदूषित पानी के भराव से नदी तो प्रदूषित हो ही रही है, दूषित पानी भी महिनों पड़ा रहता है। वहीं, प्रदूषित पानी की दुर्गंध के कारण आस-पास के इलाकों में रहने वालों का जीना दुश्वार हो गया है।

राजनीति का मुद्दा बनकर रह गया प्रदूषित पानी

हर वर्ष प्रदूषित पानी के आने के बाद किसानों पर सियासत शुरू हो जाती है। जनप्रतिनिधियों के दौरे अधिकारियों से वार्तालाप कर आश्वासन के सिवाय किसानों के हाथ कुछ नहीं लगता और अगले वर्ष फिर से पानी का आना जारी रहता है।



रैली निकाल लिया जायजा

समिति सचिव ओमप्रकाश सोनी ने बताया कि पूर्व विधायक कानसिंह भाटी कोटड़ी व समिति अध्यक्ष तुलसा राम चोधरी व समदड़ी सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष खेत सिंह भाटी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। किसानों ने समदड़ी से लेकर बालोतरा तक लूनी नदी में रासायनिक प्रदूषण की समस्या का जायजा लिया।

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