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ATM हैक कर रकम निकालने वाले अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा, परिचित के कार्ड से निकालते थे रुपए, 1.92 लाख कैश और 49 ATM कार्ड बरामद

ATM हैक कर रकम निकालने वाले अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा, परिचित के कार्ड से निकालते थे रुपए, 1.92 लाख कैश और 49 ATM कार्ड बरामद बाड़मेर। पुलिस...

ATM हैक कर रकम निकालने वाले अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा, परिचित के कार्ड से निकालते थे रुपए, 1.92 लाख कैश और 49 ATM कार्ड बरामद





बाड़मेर। पुलिस ने 24 घंटों में एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर लाखों रुपए ट्रांजैक्शन करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। गैंग का जाल देशभर में फैला है। पुलिस ने यूपी के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 1.92 लाख रुपए, 49 एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल बरामद किए हैं। वारदातों में उपयोग में लेने वाली ब्रेजा कार को भी जब्त कर लिया है।

एसबीआई बैंक शाखा नाकोड़ा के एकाउंटेंट महेश कुमार ने पुलिस को शनिवार रात्रि को रिपोर्ट दी कि बालोतरा इलाके के बालोतरा, खंडप, समदड़ी, पचपदरा, पाटोदी, सहित 10 एटीएम हैं। बीते कुछ समय से एटीएम मशीनों में छेड़छाड़ करके करीब 15 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज किया।

बालोतरा एएसपी नितेश आर्य व डीएसपी धनफूल मीणा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गईं। डीएसटी पुलिस प्रभारी रामनिवास और बालोतरा थानाधिकारी बाबूलाल ने साइबर टीम के सहयोग से एटीएम पर नजर रखी। पुलिस ने संदिग्ध प्रशांत उर्फ राजू पुत्र देवेंद्र प्रताप, कुलदीप पाल पुत्र रामचरण को पकड़ कर पूछताछ की। उन्होंने एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ कर रुपए निकालने की बात को कबूल किया।



एसपी दीपक भार्गव ने बताया कि यूपी के गैंग के सदस्य अपने दोस्तों से लोगों के एटीएम कार्ड लेकर मशीन हैंग करके रुपए निकाल लेते थे। बालोतरा से यूपी कानपुर, चकेरी शिवपुरी निवासी प्रशांत उर्फ राजू (30) पुत्र देवेंद्र प्रताप, कानपुर रामादेवी पटेल नगर निवासी कुलदीप पाल पुत्र रामबरण, कानपुर, महाराजपुर, दिपुर निवासी सूरज पुत्र जगदीश यादव और यूपी उरोई जलोन, कालपी निवासी अजय कुमार पुत्र छोटेलाल को गिरफ्तार किया।



ऐसे करते एटीएम से छेड़छाड़

आरोपियों ने बताया कि वे अपना स्वयं का या अपने साथी का एटीएम कार्ड किसी भी बैंक के एटीएम मशीन में डालकर मशीन को हैक करके रुपए विड्रोल कर देते हैं। आरोपियों के पास 50 के करीब एटीएम कार्ड मिले हैं, जो अलग-अलग बैंक के हैं। यह एटीएम कार्ड दोस्तों से एकत्रित करते थे। आरोपी अपने दोस्तों का एटीएम का प्रयोग करने के लिए एटीएम धारक को कुल ट्रांजेक्शन का 50 फीसदी या कभी-कभी पांच से 10 हजार रुपए के बीच एटीएम अकाउंट वाले को को देते थे। ठगी करने वाले बदमाश इतने शातिर हैं कि संबंधित बैंक को काफी समय तक इसकी जानकारी भी नहीं मिलती थी।



लड़ाई होने के बाद बनाया गैंग

गिरफ्तार किए गए आरोपियों का मुख्य सरगना कानपुर नगर, नौवस्ता निवासी कमल कांत है। मुख्य सरगना कमलकांत हाल ही उड़ीसा जेल से रिहा हुआ है। यह गैंग 2017 से ठगी कर रहा है। कुलदीप पाल अपने व अपने मिलने वालों के एटीएम कार्ड कमलकांत को देता था और इसके बदले में कमलकांत 1500 से 5000 रुपए प्रति एटीएम कार्ड देता था। इसके बाद कमलकांत और कुलदीप पाल के बीच में झगड़ा हो गया।



कुलदीप पाल ने अपने मिलने वालों के एटीएम कार्ड इस तरह की वारदात करने वाले अन्य लोगों को दिए थे। कुलदीप पाल ने अपनी अलग से गैंग बनाया। अपने ही इलाके के युवकों को साथ लेकर इस तरह की वारदात को अंजाम देने लगे। इसके बदले में उन लड़कों 1500 से 2000 रुपए देता था। आरोपी प्रशांत यादव उर्फ राजू भी पहले किसी अन्य गैंग के साथ काम करता था। आरोपियों ने यूपी, एमपी व राजस्थान में अनगिनत एटीएम मशीन से ट्रांजेक्शन कर ठगी की है। कुलदीप पाल व प्रशांत यादव पहले भी इन मामलों में जेल जा चुके हैं।

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