Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

आज पढ़े बायतु के खेजड़ियाली, झाक निवासी 55 वर्षीय टीमों की कहानी : उम्र नहीं दृढ़ इच्छाशक्ति से बढ़ते हैं नवाचार के कदम।

आज पढ़े बायतु के खेजड़ियाली, झाक निवासी 55 वर्षीय टीमों  की कहानी : उम्र नहीं दृढ़ इच्छाशक्ति से बढ़ते हैं नवाचार के कदम। वर्णित कहानी किसी ...

आज पढ़े बायतु के खेजड़ियाली, झाक निवासी 55 वर्षीय टीमों की कहानी : उम्र नहीं दृढ़ इच्छाशक्ति से बढ़ते हैं नवाचार के कदम।




वर्णित कहानी किसी युवा किसान की नहीं अपितु बाड़मेर जिले के बायतु तहसील के खेजड़ियाली, झाक निवासी 55 वर्षीय टीमों की है जिन्होंने यह साबित किया है कि मन में कुछ करने की ललक हो तो उम्र कोई मायने नहीं रखती, आप खेती किसानी से जुड़ी साधारण गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की महिला है, जिसमें अपने जीवन काल में अनेकों वर्षों में खेती के लिए जल अभाव और अकाल जैसी अनेकों समस्याओं का सामना करते हुए उनसे निपटने के लिए हार नहीं मानी अपितु उसकी जगह आपने समाधान निकाले, जल की समस्या को देखते हुए खेत तलाई का भी निर्माण कृषि विभाग की योजना अंतर्गत करवाया है जिसके माध्यम से, आप बताती हैं कि खेत की मेड़ पर थार शोभा उन्नत किस्म की खेजड़ी लगा रखी है, साथ ही मरुस्थल में उपयुक्त गोला किस्म के बेर के पौधे लगा रखे हैं। आगे बताती है कि मेरे द्वारा खेती में उन्नत प्रमाणित बीज और उसका बीज उपचार कर फसल चक्र अपनाने की प्रक्रिया खेती में लाभ का सौदा बनी हुई है। आपने मिट्टी परीक्षण कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी से करवाया मिट्टी में आवश्यक तत्वों की कमी को देखते हुए जिप्सम का छिड़काव खेत में किया तथा पशुपालन को भी खेती के अभिन्न अंग बना रखा है, जिसमें तीन उन्नत नस्ल की गाय एवं सिरोही नस्ल, मारवाड़ी नस्ल की बकरियां और भेड़ पालन किया जा रहा है। 




साथ ही साथ कृषि विभाग व कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि संस्थान द्वारा आयोजित गतिविधियों में शामिल होती रहती है। और बताते हैं कि मैंने इस उम्र में मुर्गी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। आपके द्वारा कोविड काल से उत्पन्न औषधियों की आवश्यकता और महत्व को देखते हुए अपनी 7 बीघा भूमि पर गूगल, एलोवेरा, सनाय, तुलसी, सहजन की खेती कर रखी है। 



आपने जल है तो जीवन की परिकल्पना को साकार करते हुए वर्षा जल संचयन हेतु खेत तलाई के साथ 100000 लीटर पानी का टैंक निर्मित कर रखा है जिससे बूंद बूंद सिंचाई पद्धति अपनाकर उत्पादन में कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। बात करें आय की तो हमेशा से घाटे का सौदा साबित हो रही खेती इन्हीं नवाचारों और दृढ़ निश्चय से एक लाभदायक कृषि बन गई है, जिसमें अहम भूमिका पशुपालन की भी है दोनों को मिलाकर सालाना वार्षिक आय 5:30 लाख है।



कोई टिप्पणी नहीं