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अब पूरे मारवाड़ में मरुप्रदेश की मांग हुई मुखर: जयवीर गोदारा

अब पूरे मारवाड़ में मरुप्रदेश की मांग हुई मुखर: जयवीर गोदारा @गोपाल सिंह राजपुरोहित बाड़मेर, 25 नवम्बर। पिछले लंबे समय से मरू प्रदेश निर्माण ...

अब पूरे मारवाड़ में मरुप्रदेश की मांग हुई मुखर: जयवीर गोदारा



@गोपाल सिंह राजपुरोहित
बाड़मेर, 25 नवम्बर। पिछले लंबे समय से मरू प्रदेश निर्माण को लेकर मारवाड़ भर में आवाज बुलंद की जा रही थी कि राजस्थान के बढ़ते क्षेत्रफल, बढ़ती जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों को मध्य नजर रखते हुए मरुप्रदेश की महती आवश्यकता है, 2009 से हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं अब पूरे मारवाड़ की जनता जाग चुकी है जो कि स्वागत योग्य हैं उक्त उद्गार बाड़मेर दौरे पर आए मरुप्रदेश निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक जयवीर गोदारा ने व्यक्त किए। बाड़मेर दौरे पर आए संयोजक जयवीर गोदारा ने बाड़मेर जिले में अलग - अलग जगह कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर इस संघर्ष को गति प्रदान करने का आव्हान किया। इस दौरान गोदारा ने कहा कि बाड़मेर के कार्यकर्ताओं में इस मरुप्रदेश निर्माण को लेकर जबरदस्त उत्साह है। आगामी समय में इस संघर्ष को और मजबूती प्रदान करते हुए आगे की कार्य रचना बनाई जाएगी। इस दौरान महासचिव केसरसिंह राठौड़ ने कहा कि हमने पिछले 13 साल में मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री को इस आंदोलन का स्वरूप बताया और इस मुद्दे को बेहतरीन तरीके से पेश किया जिसमें हर कोई इस ऐतिहासिक मांग में सहमति भी प्रदान कर रहे है बस जरूरत है मारवाड़ मरुप्रदेश के लोग जाग्रत हो और इस महायज्ञ में अपना योगदान दें। 

बाखासर बंदरगाह बने, माही डेम का पानी हमें मिले

इस दौरान मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा के संयोजक जयवीर गोदारा और केसरसिंह राठौड़ ने कहा कि अब समय की मांग है कि मरुप्रदेश का निर्माण किया जाए। बाखासर में बंदरगाह बनाने और माही डेम का पानी राजस्थान को मिले इसको लेकर संघर्ष को और मजबूत किया जाएगा। 

थार के वीर टीम का कार्य सराहनीय

बाड़मेर दौरे पर आए मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष जयवीर गोदारा और केसरसिंह राठौड़ ने कहा कि थार के वीर संस्थान द्वारा वीर सपूतों के परिवारों और सैनिकों के लिए किए जा रहे कार्य सरहानीय है, आज पूरे देश मे थार के वीर कार्यक्रम की चर्चा हो रही है जो कि स्वागत योग्य है। ऐसे नेक कार्य करने वाले युवाओं का भी प्रोत्साहन जरूरी है। इस दौरान थार के वीर संस्थान के संयोजक रघुवीरसिंह तामलोर और वरिष्ठ सदस्य प्रेमाराम ने थार के वीर की स्मारिका भेंट की।

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