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तिरपाल से ढके ट्रक में भरे हुए थे 18 राज्य पशु ऊंट, ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने दो को पकड़ा

तिरपाल से ढके ट्रक में भरे हुए थे 18 राज्य पशु ऊंट, ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने दो को पकड़ा जोधपुर। जिले के सेतरावा क्षेत्र से एक ट्रक मे...

तिरपाल से ढके ट्रक में भरे हुए थे 18 राज्य पशु ऊंट, ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने दो को पकड़ा




जोधपुर। जिले के सेतरावा क्षेत्र से एक ट्रक में 18 ऊंट भरे हुए पाए जाने पर ट्रक को कब्जे में लेकर ऊंटों को छुड़ाया गया। एक ट्रक में 18 ऊंट भरने से बड़ा पशुक्रूरता का उदाहरण क्या होगा। ऊंट भरने के बाद ट्रक पर तिरपाल भी लगा दिया गया की पता ही नही चल सके लेकिन देचू थाना पुलिस ने सोमवार को ऐसे ही एक मामले में नवनिर्मित सेतरावा देवीकोट ग्रीप हाईवे पर चोरड़िया चौराहे पर ऊंटों से भरा ट्रक पकड़ा और ऊंटो को मुक्त करवाया।

पुलिस ने बताया की एक ट्रक में 18 राज्य पशु ऊंट ठसाठस भरे मिले। पुलिस द्वारा ट्रक सवारों से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर देचू थानाधिकारी राजेश कुमार विश्नोई ने पुलिस दल ने ऊंटों सहित ट्रक को जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सेतरावा क्षेत्र के देवीकोट हाईवे पर चौरडिया चौराहे के पास ऊंटों से भरा ट्रक की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने 12 चक्का ट्रक तिरपाल के अंदर 18 ऊंट भरे हुए मिले। जो ट्रक में ठूंसकर भरे हुए थे। पूछताछ करने पर उन्हें ले जा रहे चालक खलासी गबरा गए। संतोष जनक जवाब भी नहीं दे पाए। इस पर पुलिस दो आरोपियों को पुलिस थाने ले गई, वही ऊंटों को पुलिस निगरानी में चौरडिया खेल मैदान में उतरवाया गया।

ट्रक में मिले ऊंटों के रस्सी से मुंह व चारो पैर पूरी तरह बंधे हुए मिले। जिनके लिए ट्रक में किसी तरह के चारे की व्यवस्था भी नहीं थी। उन्हें इस कदर ठूंसकर भरा गया था कि वे हिल भी नहीं पा रहे थे। पुलिस ने जब ऊंटों को उतारना चाहा तो बड़ी मुश्किल से उन्हें निकाला गया। खेल मैदान में ऊंटों को वहीं चरने के लिए छोड़ दिया गया। आगे के लिए उच्च अधिकारियों से दिशा निर्देश मांगा गया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने ऊंटों को जैसलमेर जिले के सांकडा क्षेत्र से लाकर अलवर ले जाने की बात कही है। लेकिन, ऊंटों की अवस्था व हालातों को देखते हुए पुलिस को ऊंटों की तस्करी का अंदेशा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

ऊंटो को उच्चाधिकारियो से निर्देश मिलने पर सिरोही या बीकानेर भेजा जा सकता है। ट्रक में ऊंटों को ठूंसकर इस तरह तिरपाल बांधा की किसी को अंदर पशु होने का संदेह नहीं हो।

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