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श्री राम के जन्म से अयोध्या नगरी हुई गदगद: संत मुरलीधर महाराज

श्री राम के जन्म से अयोध्या नगरी हुई गदगद: संत मुरलीधर महाराज @ओम जोशी बाड़मेर। श्री राम कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय नंदी गौशाला...

श्री राम के जन्म से अयोध्या नगरी हुई गदगद: संत मुरलीधर महाराज




@ओम जोशी
बाड़मेर। श्री राम कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय नंदी गौशाला में आयोजित हो रही श्रीराम कथा के चौथे दिन कथा को विस्तार देते हुए संत मुरलीधर महाराज ने कहा कि इस देश में सनातनी संस्कृति रही है और इसी सनातनी संस्कृति के कारण हम पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। लेकिन बड़े दुख की बात है कि इस देश में गौ हत्या अभी तक बंद नहीं हुई  है। गौ हत्या का होना किसी अपराध से कम नहीं है। सरकारों का दायित्व है कि वे इस देश में गौ हत्या को तुरंत बंद करवाए। संत ने कहा कि वर्तमान समय में धर्म की अत्यधिक हानि हो रही है। आम लोग सत्संग, कथाओं में नहीं आ रहे हैं। जबकि लोग डीजे के नृत्य और अन्य दिखावटी आयोजनों में जी जान से जुट जाते हैं। यह धर्म की हानि नहीं तो और क्या है।  



मुरलीधर महाराज ने कथा में सोमवार को हुई कथा में श्री राम जन्म से पूर्व ऋषि वशिष्ठ द्वारा राजा दशरथ को यज्ञ की सलाह देकर प्रसाद रानियों को वितरण करने का सुझाव दिया जिसे राजा ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। राजा दशरथ की यह चिंताएं थी कि प्रौढ़ावस्था आने पर भी उनके वंश में किसी पुत्र ने जन्म नहीं लिया है। इस पर ऋषि वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि से आशीर्वाद प्राप्त कर उनसे यज्ञ करवाने का आव्हान किया। राजा दशरथ ने बड़ी धूमधाम से यज्ञ आयोजित करवाया और प्रसाद को चारों रानियों में वितरित किया। यज्ञ पूर्ण होने के 9 माह बाद  राजा दशरथ के यहां भगवान श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।  अयोध्या नगरी में खुशियां छा गई। पूरी अयोध्या नगरी लाल अबीर और गुलाल से भर गई। लोग झूम - झूम कर नृत्य करने लगे। आपस में लोगों को बधाई देने लगे, मंगल गीत गाए गए, बधाइयां दी गई। और चौतरफा खूब जी भर कर दान पुण्य अर्पित किया गया। श्री राम जन्म होने के बाद में माता कौशल्या के समक्ष भगवान के रूप में प्रकट हुए तब कौशल्य ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि परम प्रभु मेरे सामने खड़े हैं। तब श्रीराम ने कहा कि मैं आपका बेटा हूं तो कौशल्या ने कहा कि बेटा हो तो छोटे हो जाओ बाल स्वरूप धारण करो। तुरंत ही भगवान श्रीराम ने बाल स्वरूप धारण किया और गोदी में लेट गए इस तरह से अयोध्या के महलों में मंगल ध्वनियां बजने लगी।



श्री राम कथा आयोजन समिति के संयोजक और राजस्थान गौसेवा आयोग के अध्यक्ष मेवाराम जैन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज बाड़मेर से सम्बद्ध राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर के सभी चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों को कोविड के विषम हालातों में सराहनीय सेवाओं की बदौलत कोविड जैसी महामारी में बाड़मेर में चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ, जिसकी मिशाल पूरे प्रदेश में दी जा रही है। इन्होंने अपने प्राणों की परवाह किये बिना जनमानस की जिंदगी बचाने का सराहनीय कार्य किया है। इसके साथ - साथ इन सभी के नंदी गौशाला में कोविड के दौरान दिये गये सराहनीय योगदान की बदौलत बाड़मेर की जनता आपके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 6 दिसम्बर 2022 को नंदी गौशाला बाड़मेर परिसर में गौ सहायतार्थ चल रही दिव्य भगवान श्रीराम कथा में इनका बहुमान कर कृतज्ञता प्रकट की जाएगी।


बेनर का हुआ विमोचन

कथा के दौरान आगामी 27 दिसंबर से स्थानीय तेरापंथ भवन में आयोजित होने वाली शिव कथा एवं नानी बाई का मायरा के बैनर का विमोचन व्यासपीठ से मुरलीधर महाराज और विधायक मेवाराम जैन, दीपक माली, बाबू माली, किशोर शर्मा आदि ने किया।

इससे पूर्व कथा में श्री राम चरित मानस का पूजन बाबू माली, भीमराज पुंगलिया, चेनाराम सिंधी, पुखराज तापड़िया, किशोर शर्मा, महेश सुथार, चंपा महेश्वरी और कैलाश ठाकुर ने किया।

समिति के प्रवक्ता ओम जोशी ने बताया कि सोमवार को आयोजित कथा में अलका परिहार ने तुलादान किया। प्रसाद की व्यवस्था महावीर प्रसाद शर्मा, शोभा देवी और शांति देवी की ओर से की गई। आरती का लाभ मेवाराम जैन, दीपक माली, प्यारी देवी, श्रवण कुमार माहेश्वरी, झुमर लाल खत्री, खरताराम चौधरी, किशोर शर्मा आदि ने लिया।

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