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ठाकुरजी संग ब्याह रचाने वाली पूजा सिंह की कहानी में नया मोड़

ठाकुरजी संग ब्याह रचाने वाली पूजा सिंह की कहानी में नया मोड़  जयपुर। पूजा सिंह ने लिखा कि अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी म...

ठाकुरजी संग ब्याह रचाने वाली पूजा सिंह की कहानी में नया मोड़ 




जयपुर। पूजा सिंह ने लिखा कि अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगती हूं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था।
ठाकुरजी से ब्याह रचाने वाली पूजा सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाला है जिसमें उन्होंने कहा है कि सभी देवी देवताओं को साक्षी मानकर विष्णु भगवान के रूप शालिग्राम जी से विवाह किया। यह विवाह मेरी कुंडली के दोष निवारण के लिए किया गया है। यह भी सच है कि मुझे बचपन से शादी नहीं करनी थी। घर की और आसपास की लड़ाईयों को देखते हुए मैंने ये फैसला लिया था, लेकिन लोगों ने मेरी तुलना मीरा से कर दी जिसके योग्य मैं नहीं हूं। मैं इंसान हूं, इंसान ही रहने दो।




पूजा सिंह ने लिखा कि अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगती हूं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। शादी से पहले पंडित जी ने बोला कि आपको विष्णु विवाह रीति रिवाज और मान सम्मान से करना होगा तो सिर्फ मैंने ये पूरे सम्मान के साथ किया जिससे मेरा दोष हट जाए।

पॉलिटिकल साइंस की है

जयपुर के नरसिंहपुरा गांव की रहने वाली 30 साल की पूजा राजनीति विज्ञान में मास्टर्स (एमए) किया है। पूजा ने 8 दिसंबर को ठाकुरजी से शादी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पूजा के पिता इस शादी से नाराज थे। बीएसएफ से सेवानिवृत्त उनके पिता शादी समारोह में शामिल नहीं हुए थे। लेकिन, पूजा की मां रतन कंवर ने इस विवाह का समर्थन किया था और उन्होंने कन्यादान भी किया था।

विधिवत विवाह समारोह में करीब 300 पारिवारिक सदस्यों और शुभचिंतक मौजूद रहे थे। परिवार के लोगों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पूजा सिंह ने ठाकुरजी की प्रतिमा के साथ विवाह संबंधी सभी रस्में पूरी कीं थीं।

इस शादी के लिए राजी करना आसान नहीं था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूजा ने कहा कि इस तरह की शादी के लिए परिवार को राजी करना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने ठान ली थी और आखिरकार उन्हें अपनी मां का साथ मिला। पूजा ने कहा था कि तुलसी विवाह के बारे में सुना था और एक पंडित से इस बारे में चर्चा की थी जिसने उन्हें बताया कि यह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संभव है।

शादी के बाद उसके ठाकुरजी पूजा के घर अंदर मौजूद एक छोटे से मंदिर में विराजमान हैं, जहां पूजा ठाकुरजी के लिए भोग बनाती है और प्रतिदिन उसकी पूजा करती है।

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