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भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार ग्रामीण विकास की कार्य योजना बनाएंः विश्नोई

भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार ग्रामीण विकास की कार्य योजना बनाएंः विश्नोई राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ब्लाक लेवल मास्टर ट्रेनर्स प...

भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार ग्रामीण विकास की कार्य योजना बनाएंः विश्नोई




राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ब्लाक लेवल मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण आयोजित।

बाड़मेर, 08 दिसंबर। ग्रामीण इलाकों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार ग्रामीण विकास की कार्य योजना बनाई जाए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आमजन तक इनकी जानकारी पहुंचाएं। जिला परिषद के अधिशाषी अभियंता रघुनाथ राम विश्नोई ने गुरूवार को जिला परिषद सभागार में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के समापन समारोह के दौरान यह बात कही।



इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता रघुनाथ राम विश्नोई ने कहा कि तकनीकी कार्मिकों की ग्रामीण विकास की कार्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। ब्लॉक स्तरीय अधिकारी योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। ताकि वृहद स्तर पर लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बताए गए ग्रामीण विकास के तौर तरीकों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्य क्षेत्र में प्रशिक्षक के रूप में कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में ग्रामीण विकास के लिए प्लान तैयार करते समय विभिन्न बिंदुओं गरीबी, आजीविका, कौशल विकास, आत्मनिर्भर गांव, स्वस्थ, बाल हितैषी, जल पर्याप्तता, बुनियादी ढांचे का विकास, स्वच्छ एवं निरोगी गांव, महिला सुरक्षा आदि का ध्यान रखते हुए योजनाओं को तैयार करें, ताकि ग्रामीणों का सर्वांगीण विकास हो सके। इस दौरान अतिरिक्त विकास अधिकारी औकारदान बारहठ ने कहा कि ब्लाक लेवल मास्टर्स टेªनर्स प्रशिक्षण प्रभावी विकास कार्य योजना बनाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बताए गए ग्रामीण विकास के तौर-तरीकों को गंभीरता से सुने और अपने-अपने कार्य क्षेत्र में दक्ष प्रशिक्षक के रूप में सुव्यवस्थित तथा सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर कार्य योजना तैयार करें। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान राजीविका के परियोजना प्रबंधक नरपतसिंह भाटी, विकास अधिकारी मनोज कुमार, जिला आयोजना कार्यालय के संगणक राकेश खिलेरी, डीपीएम दीपक व्यास समेत विभिन्न प्रशिक्षकों ने 15 केंद्रीय वित्त एवं पंचम राज्य वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन एवं पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाने, गरीबी मुक्त गांव, स्वच्छ गांव, बाल हितैषी गांव, पर्याप्त जल युक्त गांव, स्वच्छ और हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला गांव, सामाजिक रूप से न्याय संगत एवं सुरक्षित गांव, महिला हितैषी गांव बनाने के बारे में प्रशिक्षण दिया। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ब्लाक लेवल मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण की विधिवत शुरूआत मंगलवार को जिला प्रमुख महेन्द्र चौधरी ने की थी।

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