Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

शहीद दीपाराम सुथार के नारों से गुंज उठा सणतरा, बलिदान दिवस पर रक्तदान एवं श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन

शहीद दीपाराम सुथार के नारों से गुंज उठा सणतरा,  बलिदान दिवस पर रक्तदान एवं श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन @मनोहर लाल पंवार बाड़मेर। जिले के बाय...

शहीद दीपाराम सुथार के नारों से गुंज उठा सणतरा, बलिदान दिवस पर रक्तदान एवं श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन




@मनोहर लाल पंवार
बाड़मेर। जिले के बायतु विधानसभा क्षेत्र के सणतरा गांव में शहीद दीपा राम सुथार ने सर्वोच्च बलिदान देकर न सिर्फ बाड़मेर अपितु देश का भी नाम रोशन किया। 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तानी सेना का सामना करते हुए अपने स्वयं को इस देश के लिए समर्पित करने वाले शहीद दीपाराम समूचे देश के गौरव हैं। शहीद दीपाराम सुथार के मूर्ति अनावरण के बाद प्रथम बार 51 वे शहादत दिवस पर एक शाम शहीदों के नाम भजन संध्या मंगलवार को आयोजित की गई तथा बुधवार को रक्तदान श्रद्धांजलि एवं समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ परेऊ महंत ओंकार भारती के पावन सानिध्य में भजन संध्या के साथ प्रारंभ हुआ एवं अगले दिन शहादत दिवस 7 दिसंबर को रक्तदान शिविर आयोजित किया गया एवं शहीद दीपाराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। शहीद दीपा राम की बटालियन सिग्नल कोर के सेना अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा शहीद की प्रतिमा को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। बटालियन के सूबेदार कुलदीप सिंह नायक शरद एम वी, सिग्नल मैन उमेश कुमार एवं सिग्नल मैन विष्णु टी ने शहीद दीपाराम के प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। सूबेदार कुलदीप सिंह ने भी अमर शहीद दीपाराम सुथार की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए सैनिक जीवन की कार्यशैली एवं शहीद दीपा राम की शौर्य गाथा से उपस्थित ग्रामीणों को रूबरू करवाया। यहां के नोजवानों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा। सेनिकों की वजह से ही हमारा देश सुरक्षित है, हमारे देश के सैनिकों और हमेशा देश का सीना चौड़ा किया है। कि शहीद दीपाराम की पूजा लेह लद्धाख की वादियों में भी भारतीय सेना द्वारा की जाती है और शहीद दीपाराम का बलिदान सदियों तक देश याद रखेगा। ज्ञात रहे 1971 के भारत-पाक युद्ध में बाड़मेर के 10 वीर सपूतों ने अपना बलिदान दिया था,जिसमें से आठ बायतु क्षेत्र के भारत माता वीर सपूत थे।



रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन

श्रद्धांजलि सभा के बाद विधिवत रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया गया। वीर शहीद वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले ब्लड बैंक टीम (नाहटा हॉस्पिटल बालोतरा) के डॉक्टर नरेंद्र दाधीच के नेतृत्व में सफल संचालन किया गया।जिसमें कुल 30 रक्त वीरों ने रक्तदान कर शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि दी। रक्त वीरों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। रक्तदान शिविर में रक्त संग्रह टीम द्वारा सराहनीय सेवाओं के लिए आयोजन कमेटी एवं शहीद के परिजनों ने आभार व्यक्त किया।

शहीद दीपाराम के नाम पर बालिका विद्यालय स्वीकृत करने की मांग

शहीद दीपा राम के पैतृक गांव संतरा के मुख्य चौराहे पर प्रतिमा स्थापित की गई एवं शहीद के पुत्र सवाई राम की की मंशा है कि पिताजी ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी जिससे हम गर्व महसूस कर रहे हैं यदि गांव में शहीद के नाम का विद्यालय बनता है तो उसमें पढ़ने वाले हर विद्यार्थी के दिल में देश भक्ति एवं मातृभूमि की रक्षा का जज्बा पैदा होगा। इस दौरान बजरंग लाल ने कहा कि अगर विद्यालय के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो जाती है तो विद्यालय भवन का प्रबंध कर दिया जाएगा। सेना के सूबेदार कुलदीप सिंह ने शहीद के शहादत दिवस पर अपनी बटालियन के जवानों द्वारा एकत्र 115000 रुपए का अंशदान शहीद के परिजनों को भेंट कर कहा कि विद्यालय के संबंध में सेना के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाकर इस के संबंध में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यहां दिए गए आदर सत्कार एवं अपनत्व के लिए मारवाड़ की जनता का एवं उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

 


शहीद की प्रतिमाएं आज भी प्रेरणादायी

जम्मू कश्मीर से शहीद दीपाराम के पैतृक गांव सणतरा पहुंचे सूबेदार कुलदीप सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शहीद दीपा राम की हमारी बटालियन के कार्यक्षेत्र में लगभग 15 स्मारक स्थापित है जो हमें देश की सेवा के लिए एवं हरदम तैयार रहने के लिए प्रेरित करती है हमारे दिन की शुरुआत शहीद दीपाराम की प्रतिमा को नमन करते हुए शुरू होता है हमारे कार्य क्षेत्र में हर जवान के लिए शहीद दीपाराम का शौर्य एवं पराक्रम प्रेरणादायक है इस दौरान सूबेदार अपने इस अनुभव को साझा करते हुए अपनी अंतरात्मा से भावुक नजर आए।


कार्यक्रम में यह रहें मौजूद

बटालियन के सूबेदार कुलदीप सिंह, नायक शरद एम वी, सिग्नल मैन उमेश कुमार एवं सिग्नल मैन विष्णु टी, सरपंच प्रतिनिधि देवी सिंह, पूर्व सरपंच सुमेर सिंह, उपसरपंच ओम प्रकाश, देवी सिंह, पीईईओ बजरंग लाल, शहीद दीपाराम के पुत्र सवाई राम, भतीज लसा राम, भाई बुद्धाराम, पूर्व सैनिक भाई जेठाराम, पौत्र भरत, भटू राम, मूलाराम, पोकर राम, पीथा राम खोथ, खेताराम सहित सैकड़ों ग्रामीण इस श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित रहे एवं देवाराम (आर्मी) का मंच संचालन करने में विशेष महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कोई टिप्पणी नहीं