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Video देखें: जैसलमेर के मिलट्री स्टेशन में पराक्रम दिवस के रूप में मनाई लौंगेवाला लड़ाई की जीत की 51 वीं वर्षगांठ

Video देखें: जैसलमेर के मिलट्री स्टेशन में पराक्रम दिवस के रूप में मनाई लौंगेवाला लड़ाई की जीत की 51 वीं वर्षगांठ जैसलमेर, 5 दिसम्बर। लौंगेवा...

Video देखें: जैसलमेर के मिलट्री स्टेशन में पराक्रम दिवस के रूप में मनाई लौंगेवाला लड़ाई की जीत की 51 वीं वर्षगांठ




जैसलमेर, 5 दिसम्बर। लौंगेवाला की लड़ाई में जीत की 51 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सोमवार को जैसलमेर स्थित मिलट्री स्टेशन स्थित सगतवाला स्टेडियम में पराक्रम दिवस के रूप में भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में सेना की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स टीम, मलखंभ टीम और डेयरडेविल्स मोटरसाइकिल टीम द्वारा हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया। 



कार्यक्रम में अतिथि के रूप में जोधपुर स्थित कोर्णाक कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफिंटेनेंट जनरल राकेश कपूर और जिला कलक्टर टीना डाबी सहित सेना के उच्च पदाधिकारी, सैनिक, सैन्य परिवारों के सदस्य, स्कूली बच्चे और आमजन उपस्थित थे।



इस समारोह में भारतीय सेना के जवानों द्वारा मोटरसाइकिल पर विभिन्न आकृतियांं बनाकर ऐसे स्टेंट पेश किए गए जिससे इस समारोह में बैठके दर्शक दांतों तले अंगुली दबा गए। सैनिकों द्वारा मोटरसाइकिल पर शारीरिक संतुलन का बेजोड़ नमूना प्रस्तुत किया। इसमें मोटरसाइकिल पर डांस करना, अखबार पढ़ना, स्वीमिंग करना सहित सीढ़ी चढ़ना, एक पैर पर मोटरसाइकिल चलाना, मोटरसाइकिल सवारों द्वारा कमल की फूल की आकृति बनाना सहित कई करतब दिखाए। इसके बाद मलखंभ पर शारीरिक ताकत और चपलता देखने को मिली। सैनिकों द्वारा आग के गोले में मोटरसाइकिल को निकालना, बीस सैनिकों के जमीन पर लिटाकर उनके उपर से मोटरसाइकिल को निकालने जैसे स्टंट किए गए। इसके बाद सीख रेजिमेंट के सैनिकों द्वारा अद्भुत तलवारबाजी का प्रदर्शन किया गया। 



इस समारोह में सैनिकों द्वारा एक से बढ़कर एक रोमांचक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। कई सैनिकों द्वारा 10 हजार फीट से छलांग लगाकर पैराशूट के माध्यम से जमीन पर उतरकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया गया। इसके साथ ही आर्मी बैंड की सुमधुर स्वर लहरियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद कार्यक्रम में ट्राइथॉलोन के प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। 



उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन वीर सिपाहियों को याद करना और उन्हें श्रद्धांजलि देना था, जिन्होंने युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम द्वारा लोगों में गर्व की भावना और भूतपूर्व सैनिकों के साथ एकजुटता का संदेश दिया गया। 


क्यों प्रसिद्ध है लौंगेवाला की लड़ाई

लोंगेवाला का युद्ध 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में पश्चिमी मोर्चे पर लड़ी जाने वाली सबसे भयंकर और निर्णायक लड़ाइयों में से एक थी जो की भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

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